रफीक खान
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में बीते दिनों हवाला मनी की लूट का कांड पूरे प्रदेश में न सिर्फ चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि कानून और कानून के रखवालो पर भी जमकर उंगलियां उठ रही है। लगातार धूमिल होती छवि के मद्देनजर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कड़ा एक्शन लेते हुए एसडीओपी पूजा पांडे समेत 11 पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए तथा इसके साथ ही एसडीओपी पूजा पांडे थाना प्रभारी सहित पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी फरार 6 आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस मामले में जल्द ही कटनी और जबलपुर से भी गिरफ्तारी होगी। Action taken on the instructions of CM Dr. Mohan Yadav, search for 6 absconding police personnel, arrests will also be made from Katni Jabalpur.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि इस मामले को लेकर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना, अपराध मुक्त वातावरण बनाना और नागरिकों की सुरक्षा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों का मुख्य दायित्व है। अपने कर्तव्यों से हटकर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को राज्य सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिवनी प्रकरण में जो भी दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी होगी। प्रदेश में कानून सबके लिए बराबर है। कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। राज्य सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने सतत रूप से कार्य कर रही हैं, इस दिशा में किसी का हस्तक्षेप सहन नहीं होगा। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 310(2) डकैती, 126(2) गलत तरीके से रोकना, 140(3) अपहरण और 61(2) आपराधिक षडयंत्र के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, कॉन्सटेबल योगेंद्र, कॉन्सटेबल नीरज और कॉन्सटेबल जगदीश को हिरासत में ले लिया है। इनके अलावा जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है उनमें प्रधान आरक्षक माखन, प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला, आरक्षक रविंद्र उईके, आरक्षक चालक रितेश, गनमैन केदार और गनमैन सदाफल हाथी की तलाश में जबलपुर से भेजी गई टीमों को लगाया गया है। एसपी तथा एडिशनल एसपी से भी आईजी के निर्देश पर पूछताछ चल रही है।
.jpg)