रफीक खान
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और उसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग में ही सुपरवाइजर के रूप में कार्य करते हुए डीएसपी बनी पूजा पांडे का जबलपुर से गहरा नाता है। पूजा जबलपुर के नजदीक के ही एक गांव की रहने वाली है। पूजा की परवरिश और पढ़ाई लिखाई भी जबलपुर में हुई है। पूजा स्नेह नगर स्थित प्रतियोगी परीक्षाओं की गौतम अकादमी के संचालक सिद्धार्थ गौतम की कजिन सिस्टर होती हैं। पीएससी में सिलेक्शन के बाद डीएसपी की परीवीक्षा अवधि भी जबलपुर में ही बीती और अब मध्य प्रदेश के बहुचर्चित तथा अपने ढंग के अनोखे संगीन, सनसनीखेज और बहुचर्चित हवाला मनी लूट कांड की मुख्य आरोपी बन गई है। सस्पेंड डीएसपी पूजा पांडे को डकैती गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ सिवनी जिला न्यायालय में पेश किया गया। जहां से 17 अक्टूबर तक की पुलिस रिमांड पर सभी 11 आरोपियों को भेज दिया गया है। एक फरार आरोपी को लगातार तलाशा जा रहा है।Jabalpur's Additional SP and CSP were also informed, and thanks to DIG Rakesh Singh, the matter was not suppressed.
गौरतलब है कि 8 तथा 9 अक्टूबर की दरमियानी रात हवाला कारोबार करने वाले आरोपियों की अपनी प्रतिस्पर्धा और रंजिश के चलते जबलपुर के हवाला कारोबारी पंचू गोस्वामी के जरिए एक सूचना क्राइम ब्रांच में कार्यरत प्रमोद और रोहित के पास पहुंचती है। क्राइम ब्रांच के इन आरक्षकों के द्वारा यह जानकारी जबलपुर में पदस्थ सीएसपी उदय भान बागड़ी तथा एडिशनल एसपी जितेन्द्र सिंह को दी जाती है। दोनों ही अधिकारी पुलिस अधीक्षक संपत लाल उपाध्याय के न होने का हवाला देते हुए कोई भी कार्रवाई करने से इनकार कर देते हैं। इसके बाद इनमें से एक सिपाही पूर्व में ओमती में पदस्थ रहे सीएसपी तथा वर्तमान में बालाघाट हॉक फोर्स में डीएसपी पंकज मिश्रा को देता है। पंकज मिश्रा इस सूचना को सिवनी जिले में पदस्थ बैचमेट एसडीओपी पूजा पांडे को शेयर करते हैं।
बैरिकेड लगाकर रोका गया
इसके बाद कटनी से महाराष्ट्र कार में ले जाई जा रही हवाला की 2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपए लूट कर पूजा पांडे के नेतृत्व में मध्य प्रदेश पुलिस के वर्दीधारी डकैत लूट लेते हैं। कार सवार लोगों को निकट के सुनसान जंगली इलाके में ले जाकर मारपीट की जाती है और उन्हें चलता कर दिया जाता है। इसके बाद 50-50 बंटवारे पर समझोता होता है और आधी रकम महाराष्ट्र के जालना निवासी सोहनलाल परमार के कर्मचारियों को सौंपने का दावा किया जाता है।
उसमें से भी उड़ा दिए साढ़े 26 लाख
हवाला की रकम ले जा रहे लोग जब जालना पहुंचने पर इसकी गिनती करते हैं तो 26 लाख 50 हजार रूपये कम मिलते हैं। इसके बाद सोहनलाल परमार तथा उसके सहयोगी सिवनी पहुंच जाते हैं। एसडीओ के दफ्तर में डेरा डाल देते हैं और यह विवाद चलता रहता है। 9 अक्टूबर की दोपहर तक यह मामला मीडिया की नजरों में आ जाता है और शोर शराबा शुरू होता है। इसी शोर शराबे की आहट छिंदवाड़ा डीआईजी राकेश कुमार सिंह तक पहुंचती है। राकेश कुमार सिंह संज्ञान लेते हैं तथा जानकारी को आईजी प्रमोद वर्मा तक पहुंचाते हैं।
पूरी पिक्चर हुई क्लियर
ततपश्चात् पूरे मामले की पिक्चर वरिष्ठ अधिकारियों के सामने स्पष्ट हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी मामले की जानकारी लेते हैं और निर्देश देते हैं फिर खेल शुरू होता है किसको फंसाए किसको बचाये और अब तक की स्थिति में पूजा पांडे समेत 11 पुलिस कर्मियों को आरोपी बनाया गया है। कुछ और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जांच के चलते आरोपियों के बढ़ाने की भी संभावना पुलिस सूत्र व्यक्त कर रहे हैं। वहीं पूजा पांडे को बचाने के लिए भी काफी जोर आजमाइश चल रही है, क्योंकि उनका कजिन ब्रदर प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग संचालित करता है। इस वजह से उसके संपर्क में कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी और नेता गण भी हैं। वही सोहनलाल परमार को अवैध रूप से थाने में बिठाकर रखने के मामले में उसकी पत्नी द्वारा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पेश कई की गई याचिका मामले में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की युगल पीठ ने सुरक्षित घर तक छोड़कर आने के निर्देश पुलिस को दिए हैं।
इनकी हो चुकी गिरफ्तारी
छिंदवाड़ा रेंज के डीआईजी राकेश कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, हेड कांस्टेबल माखन इनवती, कांस्टेबल योगेंद्र चौरसिया, नीरज राजपूत, जगदीश यादव, गनमैन केदार बघेल, एसडीओपी कार्यालय चालक रितेश वर्मा, रीडर हेड कांस्टेबल रवींद्र उइके और सुभाष सदाफल शामिल हैं। हेड कांस्टेबल राजेश जंघेला की तलाश जारी है।
यह मामला हुआ है दर्ज
मामले में लखनवाड़ा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 310 (2) (डकैती), 126 (2) (गलत तरीके से रोकना), 140 (3) (अपहरण) और 61 (2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया है. जिन 11 पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज हुआ है, उनमें एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, प्रधान आरक्षक माखन और राजेश जंघेला, आरक्षक रविंद्र उईके, आरक्षक चालक रितेश, गनमैन केदार, गनमैन सदाफल, कॉन्स्टेबल योगेंद्र, नीरज और जगदीश शामिल हैं.
इनकी हो चुकी गिरफ्तारी
छिंदवाड़ा रेंज के डीआईजी राकेश कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, हेड कांस्टेबल माखन इनवती, कांस्टेबल योगेंद्र चौरसिया, नीरज राजपूत, जगदीश यादव, गनमैन केदार बघेल, एसडीओपी कार्यालय चालक रितेश वर्मा, रीडर हेड कांस्टेबल रवींद्र उइके और सुभाष सदाफल शामिल हैं। हेड कांस्टेबल राजेश जंघेला की तलाश जारी है।
यह मामला हुआ है दर्ज
मामले में लखनवाड़ा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 310 (2) (डकैती), 126 (2) (गलत तरीके से रोकना), 140 (3) (अपहरण) और 61 (2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया है. जिन 11 पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज हुआ है, उनमें एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, प्रधान आरक्षक माखन और राजेश जंघेला, आरक्षक रविंद्र उईके, आरक्षक चालक रितेश, गनमैन केदार, गनमैन सदाफल, कॉन्स्टेबल योगेंद्र, नीरज और जगदीश शामिल हैं.
