SI ने 4 बार किया रेप, मकान मालिक के बेटे ने 4 महीने तक, 21 शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं, 26 साल में ज़िन्दगी खत्म - khabarupdateindia

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Sunday, 26 October 2025

SI ने 4 बार किया रेप, मकान मालिक के बेटे ने 4 महीने तक, 21 शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं, 26 साल में ज़िन्दगी खत्म


रफीक खान
कड़ी मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने के बाद डॉक्टर बनी लेकिन 26 साल में ही जीवन समाप्त हो गया। डॉक्टर बनने के बाद महाराष्ट्र में सरकारी नौकरी के दौरान यातना प्रताड़ना का एक तरह से पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस के सब इंस्पेक्टर ने चार बार रेप किया। मकान मालिक का बेटा 4 महीने तक मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। ऐसा भी नहीं कि शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटाई, एक-दो बार नहीं पूरे 21 बार शिकायत की गई लेकिन डीएसपी से लेकर एसपी तक ने कोई सुनवाई नहीं की। सांसद खुद धमकी दे रहे हैं। अपने निजी सहायकों से भी धमकवा रहे हैं। मामूली मारपीट से लेकर पोस्टमार्टम तक की मेडिकल रिपोर्ट के लिए असीमित दबाव। हर कोई सिर्फ काला पीला करने के लिए दबाव बनाता रहा। SI raped her 4 times, landlord's son raped her for 4 months, 21 complaints went unheard, life ended in 26 years

खून खौला देने वाले यह खुलासे महाराष्ट्र के सतारा जिले में अपनी हथेली के अलावा चार पन्नों के सुसाइड नोट में महिला डॉक्टर ने किए हैं। महिला डॉक्टर सतारा जिले के फलटण उप-जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर काम करती थी। उन्होंने अपनी हथेली पर लिखा कि सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदाने ने उनका चार बार बलात्कार किया और पांच महीने से अधिक समय तक उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। डॉक्टर मूल रूप से बीड जिले की रहने वाली थीं और 23 महीने से अस्पताल में सेवा दे रही थीं। ग्रामीण क्षेत्र में सेवा की अपनी बॉन्ड अवधि पूरी करने में उन्हें सिर्फ एक महीना बाकी था। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि पुलिस अधिकारी उन्हें अभियुक्तों के लिए फर्जी फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दबाव डालते थे। कई बार तो अभियुक्तों को मेडिकल जांच के लिए लाया भी नहीं जाता था। जब उन्होंने मना किया तो सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदाने और अन्य लोग उन्हें परेशान करते थे। उन्होंने नोट में कहा कि मेरी मौत का कारण सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदाने है जिन्होंने मेरा बलात्कार किया और प्रशांत बानकर है, जिन्होंने 4 महीने तक मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। गोपाल बदाने एक पुलिस अधिकारी हैं, जबकि प्रशांत बानकर उस मकान के मालिक का बेटा है जहां डॉक्टर रहती थीं। घटना का जिक्र करते हुए डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने एक प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद एक सांसद के दो निजी सहायकों ने अस्पताल आकर उनसे फोन पर सांसद से बात कराई। उन्होंने नोट में कहा कि उस बातचीत के दौरान सांसद ने उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से धमकी दी थी। महिला डॉक्टर के सुसाइड के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे मामले को समझकर निर्देशित किया। आरोपी सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार और सस्पेंड कर दिया गया है। जबकि दूसरे आरोपी को कोल्हापुर से गिरफ्तार किया गया है। सांसद और निजी सहायकों पर लगे आरोपों की जांच की जा रही है।