रफीक खान
सरकारी नौकरी के क्षेत्र में महिलाओं का भी दबदबा काम नहीं है और अब घूसखोरी में भी वे पुरुषों के बराबर पर पहुंच रही हैं। पिछले कई दिनों में मध्य प्रदेश के कई जिलों से इस तरह की खबरें सामने आई, जिसमें महिला अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। अबकी बार छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव स्थित कार्यालय परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग से एक बड़ी खबर मिली है। इसमें परियोजना अधिकारी सहित उनकी तीन महिला सुपरवाइजर को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। लोकायुक्त पुलिस विशेष स्थापना शाखा जबलपुर की टीम ने इन चारों महिला अधिकारियों को आंगनवाड़ी सहायिका के रूप में चयनित एक गरीब महिला से ₹50000 की रिश्वत मांगने की शिकायत पर ₹20000 नगद लेते हुए दबोचा है। इन सभी के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। Such cruelty by empowered women on disabled women, they demanded Rs 50,000 for joining letter.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि आवेदिका पूजा उइके निवासी उमरघोड, तहसील जुन्नारदेव, जिला छिंदवाड़ा ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर को एक शिकायत करते हुए कहा कि
आरोपिया- 1) सीमा पटेल परियोजना अधिकारी जुन्नारदेव, जिला छिंदवाड़ा
2) श्रीमती आरती आम्रवंशी महिला सुपरवाइजर जिला छिंदवाड़ा
3) श्रीमती लक्ष्मी पंडोले महिला सुपरवाइजर छिंदवाड़ा
4) सुश्री बिंदु माहौर महिला सुपरवाइजर छिंदवाड़ा उससे रिश्वत मांग रहे हैं। आवेदिका पूजा उइके का महिला बाल विकास विभाग में ग्राम उमरघोड में वरीयता के आधार परआंगनबाड़ी सहायिका के पद पर चयन हुआ था। आवेदिका को जॉइनिंग लेटर देने के बाद इनाम के रूप में परियोजना अधिकारी सीमा पटेल के कहने पर सुपरवाइजर लक्ष्मी पंडोल तथा बिंदु माहोरे के द्वारा ₹50000 की मांग की गईं। जिसे सत्यापन उपरांत आज 6 अक्टूबर को सुपरवाइजर आरती आम्रवंशी को प्रथम किस्त के रूप में ₹20000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया ।आरोपियागण के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2),12 के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। ट्रेप दल मे दल प्रभारी निरीक्षक उमा कुशवाहा, शशि मुस्कुले ,निरीक्षक जितेंद्र यादव एवं लोकायुक्त जबलपुर का दल मौजूद था।
