रफीक खान
मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस चुनाव के परिणाम आने के बाद समूची प्रक्रिया विवादों की घेरे में आ गई है। युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा के पास ढेरों शिकायतें पहुंची है। चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के रूप में विधायक तथा पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर लखन घनघोरिया के बेटे यश घनघोरिया के निर्वाचित होने के बाद उनके प्रतिद्वंदियों ने काफी शिकायत की है। ऐसा कहा जा रहा है कि भले ही इंटरव्यू हो चुके हैं लेकिन कुछ अप्रत्याशित निर्णय लिया जा सकता है। करीब 56% मेंबरशिप रिजेक्ट किया जाने को भी आश्चर्जनक बताया जा रहा है। The National Incharge has received numerous complaints, potentially leading to a recount and allegations of vote cancellation.
जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि 6 नवंबर को एमपी यूथ कांग्रेस में वोटों की गिनती का परिणाम घोषित किया गया था। इनमें यश को सबसे ज्यादा 3 लाख 13 हजार 730 वोट मिले हैं। जबकि भोपाल के अभिषेक परमार 2,38,780 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे। तीसरे नंबर पर देवेन्द्र सिंह दादू रहे। प्रथम तीन उम्मीदवारों के दिल्ली में 9 नवंबर को इंटरव्यू हुए, लेकिन अभिषेक और देवेन्द्र सहित कई जिलों के युवा कांग्रेसियों ने चुनाव में गड़बड़ी को लेकर शिकायतें कीं। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान होल्ड कर दिया गया। राजगढ़ के शिव दांगी का आरोप है कि मैंने 17490 युवाओं की सदस्यता कराई। इनकी मेंबरशिप के लिए अलग-अलग टीमें काम कर रहीं थीं। करीब 10 लाख का पेमेंट हम लोगों ने अपने अकाउंट से किया। दूसरे खर्चे मिलाकर करीब 20-22 लाख रुपए खर्च हुए। कुछ मेंबर गाइडलाइन के तहत रिजेक्ट कर दिए। 43 हजार मेंबरशिप हुई थी। पूरे राजगढ़ जिले में मात्र 10 हजार वैलिड वोट बचे थे। 13 हजार मेंबर होल्ड किए गए। 10 हजार वैलिड बचे वोटों का मैंने हिसाब लगाया उनमें से मुझे 7 हजार वोट मिल रहे थे। उसके बाद जो 13 हजार वोट होल्ड थे उनमें करेक्शन कराया तो करीब 3300 वोटर वैलिड हो गए। ऐसे मेरे 13 हजार वोटर सही थे लेकिन जब वोट का रिजल्ट आया तो मुझे मात्र 4500 वोट मिले। युवा कांग्रेस के सदस्य बनने के इच्छुक 15 लाख 37 हजार युवाओं ने सदस्यता फार्म भरे थे। इनमें से 56% यानी 678295 मेंबर ही वोट डालने के लिए वैलिड पाए गए। प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में 9216 युवाओं ने वोट ही नहीं डाले।
