मदद की चीत्कार से गूंज उठा मंदिर परिसर, बड़ी संख्या में हुए घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल - khabarupdateindia

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मदद की चीत्कार से गूंज उठा मंदिर परिसर, बड़ी संख्या में हुए घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल


रफीक खान
आंध्र प्रदेश के श्री काकुलम में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शुक्रवार को अचानक भगदड़ मच गई। इस घटना में 10 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। जबकि बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ गंभीर घायलों को बाहर भी रेफर किया गया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें बड़ी तादाद में महिलाएं नजर आ रही है और वे छोटी सी जगह में फंसी है उनके हाथों में पूजा की थाली और टोकरिया है। सभी मदद की चीत्कार लगा रहे हैं। घटना के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पूरे मामले का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।The temple complex reverberated with cries for help, and a large number of the injured were rushed to the hospital.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि यह भगदड़ तब हुई जब एकादशी ग्यारस के मौके पर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ हो गई। वीडियो में महिलाएं भगदड़ से बचने के लिए रेलिंग पर चढ़ने की कोशिश करती दिख रही हैं। उनमें से कई मदद के लिए रोती हुई सुनाई दे रही हैं, जबकि कुछ आदमी उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा कुछ तस्वीरों में रिश्तेदार पीड़ितों को सीपीआर देने की कोशिश करते और उनकी हथेलियां रगड़ते हुए भी दिखते हैं। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस हादसे पर दुख जताया है और मौतों को दिल दहला देने वाला बताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा में वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ की घटना से सदमा लगा है। इस दुखद घटना में भक्तों की मौत बहुत दिल दहला देने वाली है। मैं मरने वालों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैंने अधिकारियों को घायलों को जल्दी और सही इलाज देने का निर्देश दिया है।' मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीकाकुलम के एसपी के.वी. महेश्वर रेड्डी ने बताया, ‘यह पारंपरिक भगदड़ नहीं थी। भीड़ में अचानक रेलिंग टूटने से लोग घबरा गए और भागने लगे. इस दौरान कई लोग दीवार से गिर गए और कुचलकर मर गए।’ मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि यह हादसा पूरी तरह आयोजकों की लापरवाही का नतीजा है। नायडू ने कहा, ‘यह बेहद दर्दनाक है कि निर्दोष लोगों की जान चली गई। यह मंदिर एक निजी व्यक्ति ने बनवाया था और कार्तिक एकादशी के मौके पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे लेकिन आयोजकों ने न तो पुलिस को बताया और न ही प्रशासन को सूचना दी। अगर उन्होंने बताया होता तो पुलिस बल तैनात कर भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता था।’