रफीक खान
मध्य प्रदेश के माननीय अपनी तनख्वाह में इजाफा करने वाले हैं। मुख्यमंत्री से लेकर विधायकों तक का वेतन बढ़ जाएगा। 1 दिसंबर से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सामान्य प्रशासन और संसदीय कार्य विभाग वेतन भत्ता संशोधन विधेयक प्रस्तुत करेंगे। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। इतना ही नहीं वेतन के अलावा भत्तों में भी वृद्धि की जाएगी। There will also be an increase in salary allowance, an amendment bill will be presented in the Assembly in the winter session.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि दस साल बाद मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, विधायक और पूर्व विधायक के वेतन-भत्ते में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री का वेतन-भत्ता दो लाख से बढ़कर 2.60 लाख तो विधायकों का 1.10 से 1.70 लाख रुपये प्रतिमाह तक किया जा सकता है। इसी अनुपात में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष के वेतन-भत्ते में वृद्धि होगी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दस वर्ष से विधायकों के वेतन-भत्ते में वृद्धि नहीं हुई। जबकि, खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसे देखते हुए वेतन-भत्ते में संशोधन किया जाएगा। इसके लिए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में भाजपा से अजय विश्नोई और कांग्रेस से सचिव यादव को लेकर समिति बनाई गई थी। इसकी दो बैठकों में विभिन्न राज्यों में विधायकों को दिए जा रहे वेतन-भत्ते का अध्ययन रिपोर्ट रखी गई। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी संसदीय कार्य विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद पुनरीक्षित वेतन-भत्ते का प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। पूर्व विधायकों का 35 से बढ़ाकर 58 हजार, मुख्यमंत्री को दो लाख से बढ़ाकर 2.60 लाख, मंत्रियों का 1.70 लाख से बढ़ाकर 2.20 लाख, राज्यमंत्री का 1.50 लाख से दो लाख, विधानसभा अध्यक्ष का 1.85 से बढ़ाकर 2.20 लाख, उपाध्यक्ष का 1.70 से बढ़ाकर दो लाख, नेता प्रतिपक्ष का 1.70 से बढ़ाकर 2.20 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन-भत्ता किया जा सकता है। इसमें वेतन, सत्कार, निर्वाचन क्षेत्र के साथ दैनिक भत्ता शामिल है। प्रदेश के बाहर प्रवास पर ढाई हजार रुपये के हिसाब से दैनिक भत्ता मिलता है। शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री प्रस्ताव को अंतिम रूप दे सकते हैं।
