व्हाट्सएप चैटिंग और सीडीआर से खुल रहे कई राज, दो और सीनियर पुलिस अफसर संदेह के रडार पर - khabarupdateindia

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व्हाट्सएप चैटिंग और सीडीआर से खुल रहे कई राज, दो और सीनियर पुलिस अफसर संदेह के रडार पर


रफीक खान
मध्य प्रदेश पुलिस की पूरे प्रदेश और देशभर में थू-थू करवाने वाली घटना हवाला मनी डकैती कांड में नित नए खुलासे हो रहे हैं। SIT की जांच में यह भी पता चला है कि सस्पेंड डीएसपी पूजा पांडे न सिर्फ बालाघाट हॉट फोर्स के डीएसपी पंकज मिश्रा बल्कि अपने जीजा वीरेंद्र दीक्षित से लगातार संपर्क में रही। सिर्फ घटना वाली रात में उसने 53 बार बात की। इसके अलावा व्हाट्सएप चैटिंग और सीडीआर रिपोर्ट में दो और बड़े पुलिस अफसर के नाम भी सामने आए हैं। जांच अधिकारी के सामने यह दोनों अफसर भी संदिग्ध हो गए हैं। हालांकि अभी इन अफसरों को लेकर जांच अधिकारी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। WhatsApp chats and CDRs reveal many secrets, with two more senior police officers under suspicion.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि एसआईटी की पूछताछ में जबलपुर निवासी वीरेंद्र दीक्षित ने कहा कि एसडीओपी पूजा पांडे जब भी गश्त में या रात में कार्रवाई करने बाहर जाती थी, तो उसे मोबाइल पर बताती थी। वीरेंद्र दीक्षित पूजा पांडे का जीजा है। डकैती की रात दोनों में 53 बार बात हुई थी। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपित वीरेंद्र दीक्षित ने अपने मोबाइल का वाट्सएप चैट और डेटा डिलीट कर दिया था। पुलिस को जब्त कराए मोबाइल का सिमकार्ड तो पुराना था, लेकिन हैंडसेट बदल दिया गया, जो आपराधिक षड्यंत्र में सहभागिता को दर्शाता है। एसआईटी ने न्यायालय में प्रस्तुत प्रतिवेदन में स्पष्ट किया है कि घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। 20 नवंबर को जेल भेजे गए बालाघाट हाक फोर्स के डीएसपी पंकज मिश्रा, पूजा का जीजा वीरेंद्र दीक्षित, आरक्षक प्रमोद सोनी और हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी की इसमें अहम भूमिका रही। प्रमोद सोनी, पंकज मिश्रा, पंजू एक दूसरे के संपर्क में रहते थे।