रफीक खान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईरानी डेरे वालों का अपराधिक साम्राज्य पूरे भारत में फैला हुआ है। दिल्ली तक उनके नाम की दहशत है और जब कभी भी पुलिस इन पर नकेल कसने की कोशिश करती है तो उसे दौड़ा-दौड़ा कर पीटा जाता है। रविवार को भी राजधानी भोपाल में यही नजारा बना जब बड़े लाल लश्कर के साथ पुलिस ईरानी डेरे पर पहुंची तो वहां लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस को भागना पड़ा लेकिन फिर पुलिस बल की मात्रा और बढ़ाई गई, इसके बाद लाठी चार्ज कर 10 महिलाओं सहित 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने ईरानी डेरे से विदेशी करेंसी, चोरी की 50 से ज्यादा महंगी बाइक्स, 150 मोबाइल फोन, पिस्तौल सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है। उल्लेखनीय है कि इस दौरान भी राजू ईरानी पुलिस की पकड़ में नहीं आ पाया। Jabalpur's Iranians are given a free hand by the police, with no arrests or surveillance.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि उक्त कार्रवाई के संबंध में पुलिस का कहना है कि भोपाल की अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे के युवकों द्वारा शहर सहित आसपास के जिलों में लगातार वारदातें किए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं। आरोपी कभी नकली पुलिस बनकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे, तो कभी मोबाइल और चेन स्नेचिंग जैसे अपराध करते थे। भोपाल पुलिस की एक टीम ईरानी डेरे में हिस्ट्रीशीटर राजू को पकड़ने गई थी। डेढ़ सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने घरों की तलाशी लेनी चाही तो महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया। वे पुलिसकर्मियों के सामने खड़ी हो गईं। जल्द ही पुरुष भी प्रदर्शन में शामिल होकर हंगामा करने लगे। महिला पुलिसकर्मियों सहित जवानों से खींचातानी करने लगे। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम को इलाके के बदमाश काला ईरानी के घर से एक नकली पिस्तौल मिली। उसने स्वीकार किया कि इस पिस्तौल का इस्तेमाल लोगों को धमकाने और डराने के लिए करता था। वह नकली पुलिसकर्मी बनकर ठगी की वारदातों को भी अंजाम दे चुका है। पुलिस इस बात को लेकर हैरत में है कि पूरे देश में वारदातों को अंजाम देने वाले ईरानियन के पास सूचना के मुताबिक कुछ कैसे नहीं मिला?
जबलपुर में भी खजरी खिरिया बाईपास के पास स्थित आयशा नगर में कई ईरानी डेरे वालों ने अपना ठिकाना बना लिया है। ईरानी डेरे वालों की रिहाइश और उनके कामों पर किसी की कोई नजर नहीं है।
