रफीक खान
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की जिला पंचायत में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी IAS गजेंद्र नागेश एक युवक पर थप्पड़ बरसाने और नर्मदा तट पर मौजूद ब्राह्मण पुजारी को गाड़ देने की धमकी के साथ ही उससे उठक-बैठक करवाने व गाली गलौज के वीडियो ने तूल पकड़ लिया है। जिला पंचायत के सीईओ जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे अधिकारी द्वारा इस तरह की हरकत से प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। उधर ब्राह्मण समुदाय में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है। मध्य प्रदेश प्रगतिशील ब्राह्मण महासभा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि सरकार एक के बाद एक अफसर को गुंडई करने की छूट दे रही है। अधिकारियों को गुंडा बनाया जा रहा है। उनसे गुंडागर्दी करवाई जा रही है और ब्राह्मण समुदाय खास तौर पर टारगेट पर है। The Brahmin community has been angered by the abusive treatment of a priest, with leaders alleging that the government is turning officers into thugs.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि वायरल वीडियो में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) गजेंद्र नागेश (IAS) पर एक युवक के साथ मारपीट और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।वीडियो में कथित तौर पर सीईओ गजेंद्र नागेश एक युवक को थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहे हैं। साथ ही, ब्राह्मण समाज से जुड़े एक व्यक्ति को ज़मीन में गाड़ देने जैसी धमकी देने का भी आरोप सामने आया है। वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है और सोशल मीडिया पर लोग घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यह वीडियो नर्मदा तट बरमान घाट का बताया जा रहा है। जहां जनरल स्टोर की दुकान चलाने वाले बृजेश नोरिया को पेशाब करने के आरोप पर जिला पंचायत के सीईओ ने बजाय चालानी या अन्य वैधानिक कार्रवाई करने के मारपीट का सहारा ले लिया। वहां घाट पर मौजूद पुजारी पंडित कैलाश चंद्र मिश्रा ने आईएएस अधिकारी नागेश को रोकने की कोशिश की तो उन्हें भी न सिर्फ गाड़ देने की धमकी दी, बल्कि गाली गलौज करते हुए दंड बैठक भी लगवा दी। मध्य प्रदेश प्रगतिशील ब्राह्मण महासभा के आशीष त्रिवेदी तथा पंडित बृजेश दुबे का कहना है कि पहले आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ब्राह्मण को ललकार चुका है और अब एक और ऐसी घटना सामने आई है, जिसमें ब्राह्मण को सरेआम अपमानित किया जा रहा है। आखिर राज्य सरकार के यह अधिकारी इतने बेकाबू कैसे हो गए हैं? जो सीधे तौर पर कानून का ही गला घोटने में लगे हैं।
