रफीक खान
मध्य प्रदेश के महू में इंदौर के भागीरथपुरा जैसा मामला सामने आया है। शुक्रवार को जैसे ही 25 बच्चों में पीलिया और टाइफाइड की पुष्टि हुई, हड़कंप की स्थिति बन गई। 15 वयस्क लोग भी बीमार होकर अस्पताल पहुंचे हैं। एक ही इलाके के लोग जहरीले पानी का शिकार होकर अस्पताल पहुंचे तो स्थानीय प्रशासन भी सकते में आ गया। आनन -फानन में व्यवस्थाएं, निरीक्षण और डैमेज कंट्रोल के प्रयास शुरू हो गए हैं। All the children in Mhow have tested positive for jaundice and typhoid, and 15 adults also reached the hospital, causing
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि महू के पत्ती बाजार क्षेत्र की चंदर गली दूसरा भागीरथपुरा बनकर उभर आई है। गुरुवार को 25 बच्चों सहित 30 से अधिक लोगों में पीलिया और टाइफाइड की पुष्टि से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। बीते करीब 10 दिनों से हर दूसरे घर में बच्चों को उल्टी-दस्त और पीलिया की शिकायत मिल रही है। मामला उजागर होने के बाद विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश सिंगारे के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर पहुंचकर सर्वे किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रहवासियों ने बताया कि क्षेत्र में नर्मदा पाइपलाइन से सप्लाई हो रहे पानी का उपयोग पेयजल के रूप में किया जाता है। अब पानी के सैंपल लेने की बात भी सामने आ रही है। कुल मिलाकर आनन फानन में बहुत कुछ करने के प्रयास शुरू हुए हैं लेकिन इससे लोगों को कितना लाभ मिल पाएगा? यह समय बताएगा। उधर इंदौर के भागीरथपुरा में 26वीं मौत शुक्रवार को हो गई।
