आधी रात को किससे बात करते हुए झल्ला गया पुलिसकर्मी? जांच में जुटे अधिकारी, बाल आरक्षक से भर्ती हुआ था - khabarupdateindia

खबरे

आधी रात को किससे बात करते हुए झल्ला गया पुलिसकर्मी? जांच में जुटे अधिकारी, बाल आरक्षक से भर्ती हुआ था


रफीक खान
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में पदस्थ पुलिस आरक्षक शिशिर सिंह ने खुद को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस आत्मघाती कदम के पीछे उसका किसी से फोन पर लंबी बातचीत के दौरान हुआ विवाद और झल्लाहट कारण बताया जा रहा है। पुलिसकर्मी शिशिर सिंह मूलत: जबलपुर का रहने वाला था और बाल आरक्षक के रूप में अनुकंपा नियुक्ति पाकर भर्ती हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। Who did the policeman get irritated while talking to at midnight? Officers are investigating, having been recruited by a juvenile constable.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि घटना बीती रात लगभग 1:25 बजे की है। क्वार्टर गार्ड ड्यूटी पर तैनात 29 वर्षीय आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।आत्महत्या करने से कुछ समय पहले आरक्षक मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत कर रहा था। बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर तनाव बढ़ गया, जिसके बाद उसने गुस्से में मोबाइल फोन जमीन पर पटक दिया। मोबाइल फैकने के तुरंत बाद आरक्षक ने सर्विस राइफल से गर्दन के पास ठोडी के नीचे गोली मार ली। गोली सिर से आर-पार हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस एवं अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। मौके से टूटा हुआ मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। आत्महत्या करने वाला आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत मूल रूप से जबलपुर जिले का निवासी था। उसे अपने पिता शरद सिंह के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वर्ष 2013 में बाल आरक्षक के रूप में उसकी नियुक्ति हुई थी। वर्ष 2015 में 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद वह नियमित आरक्षक के पद पर नियुक्त हुआ था। परिवार में उसकी मां और तीन बहनें हैं।