रफीक खान
मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री तथा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने हनुमान जी को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिवासी बताया है। उमंग सिंगार इस बयान के बाद सुर्खियों में आ गए हैं। उनका कहना है कि भगवान राम के साथ जितने भी लोग उनके साथ देने वालों में थे, वह सब के सब आदिवासी थे। कहानीकारों ने उन्हें वानर बना डाला और वानर सेना का प्रचार हो गया, जबकि हनुमान जी खुद आदिवासी थे।All the people who were with Lord Rama were tribals, the storytellers made them monkeys.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि उमंग सिंघार सेंधवा में गुरुवार को एक कार्यक्रम में शामिल हुए। राम को अगर जिताया है तो आदिवासियों ने ही। हम हनुमान की पूजा करते हैं। गांव-गांव में हनुमान के मंदिर है। जो हमारे वंशज है। मैं तो कहता हूं कि वह भी वानर थे। वह भी आदिवासी थे लेकिन जब ये हिंदू की बात करते भगवानों की बात करते हैं तो मोदी जी पतंग उड़ाते हैं। मतलब आदिवासियों को उड़ा रहे तो क्या आदिवासी तक कमजोर है जो उड़ जाएगा बोलो नहीं उड़ेगा आदिवासी के पास तीर भी है। कमान भी है और गुस्सा भी है ताकत भी है। सिंघार ने कहा कि भाजपाइयों सुन लो अगर हमारे रीति रिवाज हमारी संस्कृति से आप अगर खिलवाड़ करोगे तो आपको हम इस क्षेत्र में नहीं घुसने देंगे। ये मैं आपसे कहना चाहता हूं। हमारे भी पुजारा हैं। गांवगांव में पुजारे हैं। हमें पूजा करवाने के लिए किसी दूसरे की कोई जरूरत नहीं है। उल्लेखनीय है कि धार जिले में साल 2023 के जून महीने में भी उमंग सिंघर हनुमान जी को आदिवासी बता चुके हैं। उन्होंने उस दौरान कहा था कि भगवान श्रीराम को लंका तक पहुंचाने वाले आदिवासी थे।
