सावधान! सावधान! कीमत असली और कागजात नकली? EOW की जांच में हुआ खुलासा, FIR दर्ज - khabarupdateindia

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सावधान! सावधान! कीमत असली और कागजात नकली? EOW की जांच में हुआ खुलासा, FIR दर्ज


रफीक खान
सावधान! सावधान! सावधान! आपकी गाढ़ी कमाई के असली पैसे जेब से खर्च हो रहे हैं लेकिन जबलपुर के खटवानी शोरूम से आपको बीमा और रजिस्ट्रेशन के कागजात फर्जी मिल रहे हैं। इस बात का खुलासा एक ग्राहक की मौत के बाद क्लेम मैटर की जांच के दौरान आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो EOW द्वारा किया गया है। ईओडब्ल्यू ने इस मामले में FIR भी दर्ज कर ली है। शोरूम का मालिक रोहित खटवानी फरार हो गया है।Beware! Beware! Is the price real and the documents fake? EOW investigation reveals this, FIR registered

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि जबलपुर के किशोर नायडू की दुर्घटना में मौत के बाद पता चला कि शोरुम से फर्जी बीमा कागज दिए थे। किशोर नायडू ने 23 अक्टूबर 2019 को खटवानी सेल्स एंड सर्विसेज, राइट टाउन से सुजुकी एक्सिस 125 खरीदी थी। वाहन लेते समय उसे इनवॉइस, बीमा पॉलिसी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की रसीद दी गई। परिवार को भरोसा था कि शोरूम से खरीदी गई गाड़ी पूरी तरह वैध कागजों के साथ है लेकिन 30 अक्टूबर 2019 को किशोर नायडू की सडक़ दुर्घटना में मौत हो गई। जब परिजनों ने बीमा क्लेम के लिए दस्तावेज खंगाले तो पता चला कि बीमा दस्तावेज फर्जी थे।
EOW से की गई शिकायत
कहा जाता है कि मामले की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्लू) से की गई। ईओडब्लू की जांच में सामने आया कि वाहन की असली बिक्री 23 अक्टूबर 2019 को हुई थी। किशोर नायडू की मृत्यु के बाद खटवानी मोटर्स ने 4 नवंबर 2019 की फर्जी इनवॉइस तैयार किया। इसी बदली हुई तारीख के आधार पर वाहन का रजिस्ट्रेशन कराया गया। जांच एजेंसी के अनुसार अगर बिक्री की असली तारीख पर रजिस्ट्रेशन और बीमा दर्ज होता तो मृतक के परिवार को पूरा बीमा लाभ मिलता। तारीख बदलकर यह अधिकार छीन लिया गया।
जांच में यह भी आया सामने
ईओडब्लू कि जांच में यह भी सामने आया कि एक ही वाहन के लिए दो अलग-अलग इनवॉइस और दो बीमा पॉलिसी तैयार की गईं। रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों में भी जानबूझकर तारीखों में हेराफेरी की गई। जांच में यह साफ हो गया कि यह तकनीकी गलती नहीं बल्कि सुनियोजित धोखाधड़ी है। जांच के दौरान ईओडब्लू ने खटवानी सेल्स एंड सर्विसेज के कंप्यूटरए हार्ड डिस्क और डीएमएस सॉफ्टवेयर की फॉरेंसिक जांच कराई। जांच में एक्सेल और वर्ड फाइलें मिलीं, जिनके जरिए इनवॉइस, बीमा और अन्य दस्तावेजों की तारीखें बदली जाती थीं। ईओडब्लू के अनुसार फर्जी दस्तावेज शोरुम के अंदर तैयार किए जा रहे थे। मामले में खटवानी शोरूम का संचालक फरार हो गया है, जिसकी तलाश की जा रही है।