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Monday, 12 January 2026

CBI का हवाला, मनी लॉन्डरिंग का आरोप, पुलिस ने दर्ज की FIR, अब IPS वर्दीधारी को तलाश रही पुलिस


रफीक खान
ठगी के लिए डिजिटल अरेस्ट की वारदातें लगातार बढ़ रही है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को एक बड़ा मामला सामने आया। यहां पुलिस ने जो FIR दर्ज की है। उसमें प्रथमदृष्टया पता चला है कि राज्य सरकार के एक रिटायर्ड अधिकारी को ठगों ने आईपीएस की वर्दी धारण कर सीबीआई का हवाला देते हुए मनी लांड्रिंग के आरोप लगाए और 48 दिन तक लगातार डिजिटल अरेस्ट करके 1.1 2 करोड रुपए ठग लिए। रिटायर्ड अफसर ने पुलिस को शिकायत की तब पड़ताल शुरू की गई। CBI cites money laundering allegations, police register FIR, now police are searching for IPS officer in UNIFORM

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि 57 बी, ओल्ड खेड़ापति कालोनी में रहने वाले रिटायर्ड उप पंजीयक 75 वर्षीय बिहारी लाल गुप्ता ने पुलिस को शिकायत करते हुए कहा कि 16 नवंबर को 6768532494 से काल आया था। खुद को ट्राइ का अधिकारी बताकर रोहित शर्मा बताया था। कहा कि सीबीआइ से उनका नंबर और आधार कार्ड बंद करने के लिए दिया गया है क्योंकि उनका नंबर मनी लांड्रिंग केस में चिन्हित हुआ है। कहा कि कुछ ही देर में आईपीएस अधिकारी नीरज ठाकुर का काल 8436076254 नंबर से आएगा। मैं घबरा गया। तुरंत ही इसी नंबर से वाट्स एप पर पहले वाइस काल फिर वीडियो काल आया। सामने वर्दी पहने हुए व्यक्ति बैठा था, जिसने अपना नाम नीरज ठाकुर आइपीएस अधिकारी बताया और उसके कंधे पर भी आइपीएस ही लिखा था। उसने बताया कि मेरा नाम संदीप कुमार मनी लांड्रिंग केस में आया है। उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। कमरे में बंद रहने को कहा। कहा कि मैं पत्नी से भी बात नहीं कर सकता। पानी भी उन्हीं की मर्जी से पीने जाता था। फिर कहा कि मेरे खातों की जांच होगी। पैसा चार खातों में यह कहकर ट्रांसफर करा लिया कि जांच के बाद सही पाए गए तो वापस आ जाएंगे। इस तरह मेरे खाते से 60 लाख रुपए और पत्नी के खाते से 52 लाख रुपए ट्रांसफर कराए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस मामले में भी जो काल आए, वह कंबोडिया से आना बताए जा रहे हैं। वहीं ठगी का पैसा निजी बैंकों के करंट खातों में गया है। इसके बाद पैसा 24 खातों में टांसफर हुआ है। यह खाते 11 राज्यों के हैं।