रफीक खान
संभल हिंसा मामले में पुलिस फायरिंग के दौरान एक बेगुनाह पर के गोली से घायल होने के मामले में कोर्ट ने एसपी तथा टीआई समेत 12 पुलिस कर्मियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। संभल हिंसा के दौरान यह मामला घटित हुआ था। 2 साल पूर्व घायल के पिता द्वारा याचिका दायर की गई थी, जिस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर की अदालत ने मंगलवार को यह आदेश पारित किया। Court orders in police firing case, injured youth's father had filed petition two years ago
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि संभल के नखासा थाना क्षेत्र के खग्गू सराय अंजुमन मोहल्ले के रहने वाले आमीन ने कोर्ट को बताया कि उनका 24 साल का बेटा आलम 24 नवंबर 2024 को घर से रस्क (टोस्ट) बेचने निकला था। जब वह शाही जामा मस्जिद इलाके में पहुंचा, तभी हिंसा के बीच पुलिस ने उसे गोली मार दी। आमीन का आरोप है कि फायरिंग में उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन डर कि वजह से उसने पुलिस से छिपकर इलाज कराया। तत्कालीन सीओ संभल अनुज चौधरी, संभल कोतवाली के इंस्पेक्टर अनुज तोमर और अन्य पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया था। 9 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई के बाद CJM कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए।
