रफीक खान
कर्नाटक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पुलिस महानिदेशक रामचंद्र राव अश्लील वीडियो के मामले में बुरी तरह फस गए हैं। भले ही वह इस मामले को नकारते हुए इसे मनगढ़ंत आरोप और फेक वीडियो करार रहे हैं लेकिन सरकार ने सख्त एक्शन लेते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। पूरे मामले की जांच के लिए अलग-अलग गठित की गई है। उधर रामचंद्र राव मुख्यमंत्री से तो दूर गृह मंत्री से भी नहीं मिल पा रहे हैं। DGP मुलाकात करने के लिए तीन बार गए लेकिन उन्होंने बैरंग वापस लौटना पड़ा। He went to meet the Home Minister but could not meet him. He told the media that the allegations were completely fabricated and the video was fake.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जाता है कि रामचंद्र राव राज्य के वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी और नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय (डीसीआरई) के महानिदेशक (डीजीपी) थे। उनके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हो गए, जिसमें वो अपने कार्यालय में महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं। वीडियो में डीजीपी रामचंद्र राव को उनके कार्यालय में एक महिला के साथ अंतरंग होते देखा गया है। एक वीडियो में वह वर्दी पहने हुए अपनी कुर्सी पर बैठकर महिला के साथ आपत्तिजनक आचरण करते दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में वह सूट पहने हुए हैं और उनके कक्ष में भारतीय ध्वज तिरंगा एवं पुलिस विभाग का प्रतीक चिन्ह साफ दिखाई दे रहा है। यह वीडियो कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों द्वारा रिकॉर्ड किए गए हैं और करीब एक साल पुराने बताए जा रहे हैं। ये फिल्म अभिनेत्री रान्या राव को सोने की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किए जाने से पहले के बताए जा रहे हैं। रामचंद्र राव पहली बार विवादों में नहीं हैं। वो जेल में बंद रान्या राव के सौतेले पिता हैं। रान्या को मार्च 2025 में सोना तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रान्या पर आरोप है कि उन्होंने पिता के पद का फायदा उठाकर प्रोटोकॉल का गलत फायदा उठाया। अब सरकार की निगाहें तिरछी हो गई है और जांच में बड़े खुलासे हो सकते हैं।
