रफीक खान
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में हुए बहुचर्चित हवाला लूट-डकैती कांड में ढेर सारे सवाल हैं। इनमें से कुछ का जवाब पुलिस की जांच में सामने आ गया है जबकि अभी भी अनगिनत जवाब नहीं मिल पाए हैं। इनमें से ऐसा ही एक सवाल है कि आखिर पूजा पांडे के मामले में डीएसपी पंकज मिश्रा कैसे आ फंसे? जवाब यह है कि इस पूरे संगठित अपराध की पहली कड़ी जबलपुर क्राइम ब्रांच का सिपाही प्रमोद सोनी है, जिसने पूर्व में जबलपुर के ओमती पुलिस संभाग के सीएसपी रहे पंकज मिश्रा को जानकारी दी और एक यूट्यूब लिंक भेजा। जो पंकज मिश्रा द्वारा पूजा पांडे को फॉरवर्ड किया गया। पूजा पांडे, पंकज मिश्रा तथा प्रमोद सोनी के जप्त मोबाइल से इसकी पुष्टि हो चुकी है। Jabalpur constable Pramod Soni sent a YouTube link to DSP Pankaj Mishra, who forwarded it to Pooja Pandey.
उल्लेखनीय है कि कटनी से रवाना हुई हवाला रकम की जानकारी पंजू गिरी गोस्वामी के माध्यम से जबलपुर क्राइम ब्रांच के प्रमोद सोनी को मिली और प्रमोद ने यह जानकारी जबलपुर के एक सीएसपी तथा एक एडिशनल एसपी को देने के बाद ओमती पुलिस संभाग में सीएसपी रह चुके पंकज मिश्रा को बालाघाट में दी। हॉक फोर्स में पदस्थ डीएसपी पंकज मिश्रा ने यह जानकारी सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे को दी। पूजा पांडे ने हवाला की रकम ले जा रहे वाहन को रोक कर जांच पड़ताल की लेकिन उसमें पैसे नहीं मिले। तब फिर पूजा ने पंकज मिश्रा को पंकज ने प्रमोद सोनी को और प्रमोद ने पंजू को कॉल किया। उसी तर्ज पर कॉल रिवर्ट हुए और एक यूट्यूब लिंक भेजी गई। जिससे पता चला कि वाहन में हवाला की रकम को किस तरह से लुकाया गया। जिस यूट्यूब लिंक के माध्यम से पुलिस हवाला की रकम तक पहुंची, वही यूट्यूब लिंक का रिकॉर्ड पंकज मिश्रा के लिए भी जंजाल बन गया। कार्रवाई में शामिल न होते हुए भी संगठित अपराध में पंकज मिश्रा और प्रमोद अहम हिस्सेदार बन गए। वहीं तीन माह पहले 8-9 अक्टूबर की दरमियानी रात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई 2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपए की हवाला डकैती की वारदात का चालान न्यायालय में पेश कर दिया गया है। जबलपुर के एएसपी साइबर क्राइम जीतेन्द्र सिंह के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) द्वारा विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटिज)/ अपर सत्र न्यायाधीश सिवनी गालिब रसूल के न्यायालय में पेश किया गया चालान लगभग 800 पेज का बताया जा रहा है। पंजू गोस्वामी और प्रमोद सोनी ने 8 अक्टूबर की रात 10 बजे से 09 अक्टूबर की रात 10 बजे तक 25 बार मोबाइल पर बात की। इनमें 18 कॉल डकैती की घटना के पूर्व और 07 कॉल डकैती की घटना के बाद किए गए। घटना को अंजाम दिए जाने के दौरान पंजू गोस्वामी, प्रमोद व पंकज ने कॉन्फ्रेंस कॉल पर भी बात की थी। पूजा पांडे व उसके जीजा वीरेन्द्र दीक्षित ने घटना दिनांक 8 अक्टूबर की रात 10 बजे से 09 अक्टूबर की रात 10 बजे के बीच एक दूसरे को 53 बार मोबाइल पर कॉल कर बात की। इनमें 10 कॉल डकैती के पहले और 43 कॉल डकैती की वारदात के बाद किए गए। पूजा पांडे के मोबाइल फोन की फॉरेसिंक जांच से चैट (मैसेज) भी रिकवर हुए। डकैती की रात जीजा ने पूजा को जो मैसेज किए, वे इस प्रकार रहे- ‘रॉन्ग इनफॉर्मेशन तो नहीं है, क्या हुआ’, ‘30/70’, ‘मानना नहीं वो लोग मान जाएंगे, और जल्दी करो थोड़ा जल्दबाजी दिखाओगे तो काम हो जाएगा।’ जीजा ने 9 अक्टूबर को दिन में 03:44 बजे मैसेज कर पूछा ‘कुछ तो बताओ’ इसके एक मिनट बाद फिर मैसेज किया था-‘बहुत टेंशन हो रही है।’
