चिकित्सा विज्ञान तकनीकी और कितना भी उच्च शिक्षा की ओर पहुंच रहा हो लेकिन आज भी झोलाछाप डॉक्टर की हर शहर, हर मोहल्ले और गली में दुकान सजी हुई है। यहां मामूली बीमारियों में अगर लोगों को राहत मिल भी रही है तो बड़े मामलों में सीधे तौर पर जान से खिलवाड़ हो रहा है। ताजा मामला मध्य प्रदेश के अशोक नगर का सामने आया है। यहां मात्र 12वीं कक्षा पास एक झोलाछाप डॉक्टर ने 7 साल के मासूम को उल्टी दस्त होने पर ड्रिप चढ़ाई और उसमें बिना किसी कॉन्बिनेशन के कई इंजेक्शन मिलाकर लगा दिए। अंततः मासूम की मौत हो गई। मामला पुलिस तक पहुंचा और 15 साल तक जांच चलती रही तब जाकर झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। Opening a clinic and doing business openly, police investigation revealed after 15 months, FIR registered.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मामला जिले के शाढ़ौरा कस्बे का है। इंदिरा कॉलोनी निवासी 7 वर्षीय विशाल पुत्र चंद्रभान आदिवासी की 26 सितंबर 2024 की तबीयत बिगड़ी तो मां ललिताबाई उसे इलाज के लिए सुबह 9 बजे शाढ़ौरा लेकर पहुंची। जहां पर फर्जी डॉक्टर प्रदीप बुनकर ने अपने क्लीनिक में उसका इलाज किया, जहां बच्चे को दो ड्रिप में कुछ इंजेक्शन लगाए और घर भेज दिया। कुछ देर बाद ही फिर से तबीयत बिगड़ी तो ललिताबाई उसे फिर लेकर पहुंची तो उसने यह कहते हुए कि इलाज कर तो दिया और अब सरकारी अस्पताल जाओ, इससे महिला दोपहर एक बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाढ़ौरा में लेकर पहुंची तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। ललिताबाई ने शाढ़ौरा थाने में शिकायत की थी। लंबी जांच के बाद डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।
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