ड्राइवर को भी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने दबोचा, सवा 2 करोड़ रुपए का बिल पास करने मांगी थी रिश्वत - khabarupdateindia

खबरे

ड्राइवर को भी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने दबोचा, सवा 2 करोड़ रुपए का बिल पास करने मांगी थी रिश्वत


रफीक खान
मध्य प्रदेश के सागर जिले में पदस्थ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग PHE के कार्यपालन यंत्री को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। करीब सवा दो करोड रुपए की जल जीवन मिशन योजना के तहत किए गए कार्य का बिल भुगतान करवाने के नाम पर उक्त रकम मांगी गई थी और ड्राइवर के माध्यम से ली जा रही थी। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने ड्राइवर को भी दबोच लिया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपी कार्यपालन यंत्री के अन्य भ्रष्टाचारों का पता लगाने के लिए उसके कार्यालय तथा घर में अभी भी जांच पड़ताल चल रही है।The Lokayukta police team also arrested the driver for demanding a bribe to pass a bill of Rs 2.25 crore.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि सागर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएल बाथम के खिलाफ शैलेश कुमार नाम के ठेकेदार ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय सागर में दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में ठेकेदार शैलेश कुमार ने बताया था वो नल जल योजना का काम कर रहा है। उसने 2 करोड़ 16 लाख रुपये का बिल पीएचई विभाग में लगाया था। जिसका भुगतान होना बाकी है और भुगतान न होने के कारण करीब 10 महीने से काम रूका हुआ है। इसी बिल को पास करने के एवज में मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएल बाथम ने उससे 3.5% यानी कुल मिलाकर 6 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। रिश्वत की रकम नहीं दिए जाने पर अधिकारी बिल पास नहीं कर रहे हैं। लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार को जाल बिछाकर रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 1.5 लाख रुपये देने के लिए ठेकेदार शैलेश कुमार को मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएल बाथम के पास भेजा। अधिकारी बाथम ने रिश्वत की रकम अपने ड्राइवर फूल सिंह यादव के माध्यम से जैसे ही पीएचई ऑफिस के बाहर कार में लिए तो दोनों को दबोच लिया गया। जांच पड़ताल जारी है।