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Saturday, 3 January 2026

देर रात निगम आयुक्त को भी किया चलता, तीन नए एडिशनल कमिश्नरों को जिम्मेदारी, दो को किया सस्पेंड


रफीक खान
मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित जल से हुई 15 मौतों के बाद भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गी की शर्मनाक बातचीत में आपा खो देना, घंटा जैसे शब्द का इस्तेमाल करना और झल्लाना सरकार के लिए जंजाल बनकर सामने आई। अंततः मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को सख्त निर्णय लेने के लिए विवश होना पड़ा। मुख्यमंत्री ने जहां दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया, वहीं कई जिम्मेदारों को हटा दिया। तीन नए एडिशनल कमिश्नरों की नियुक्ति की गई। साथ ही देर रात नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को भी हटाने के निर्देश दे दिए गए। उधर नगर निगम के महापौर की बेबसी तथा पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की तल्ख़ टिप्पणी ने भी सरकार की काफी किरकिरी कराई है। The Municipal Commissioner was also removed late last night, three new Additional Commissioners were given responsibility, and two were suspended.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में भागीरथपुरा में दूषित जल प्रदाय से हुई घटना को लेकर जबलपुर के दौरे से लौटने के पश्चात रात्रि में मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस से जानकारी प्राप्त की। बैठक में संभागायुक्त इंदौर द्वारा बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में 28 दिसम्बर को उल्टी, दस्त के प्रकरण सामने आए थे। इसका संभावित कारण पेयजल प्रदूषण पाया गया। सूचना मिलते ही नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही की। कुल 13 हजार 444 घरों का सर्वेक्षण किया गया। कुल 310 मरीज भर्ती हुए थे, जिनमें से 235 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। चौबीस घंटे डॉक्टरों को ड्यूटी तय की गई। रेफेरल के लिए 10 एम्बुलेंस तैनात की गई। अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार के लिए बेड्स चिन्हांकित किए गए। विशेषज्ञ टीम को मौके पर भेजा गया। शिकायत के निवारण के 24X7 कॉल सेंटर सक्रिय है। घरों से 1600 से अधिक जल आपूर्ति के नमूने लिए गए। सहायता डेस्क भी स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे नगर निगम प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। जनस्वास्थ्य सरकार के लिए सर्वोपरि है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के आयुक्त नगर निगम दिलीप यादव को हटाकर मंत्रालय में पदस्थ करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही के लिए अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश के सभी नगर पालिक निगम के महापौर के साथ-साथ संभागायुक्त, कलेक्टर और कमिश्नर नगर निगम के साथ बैठक लेकर नागरिकों को साफ़ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश के नगरीय निकायों का अमला जनता की सेहत के प्रति सजग और सतर्क रहे। इंदौर में हुई घटना की किसी अन्य जगह पुनरावृत्ति नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के तालमेल में कमी नहीं होना चाहिए। पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में प्रशासनिक अधिकारी फोन या अन्य माध्यम से शिकायत की सूचना मिलने पर तत्काल कदम उठाएं। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नागरिकों को साफ़ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दिशा निर्देश जारी कर बैठक में जानकारी दी गई।