रफीक खान
मध्य प्रदेश के इतिहास में संभवत: पहली बार किसी जिले के मुखिया यानी कि कलेक्टर पर एक बड़ा आरोप सामने आया है। अशोकनगर कलेक्टर पर यह आरोप लगा है। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित दिल्ली में कई जगह पहुंची शिकायतों में आनंद धाम के नामांतरण मामले में तीन करोड रुपए की मांग के आरोप से प्रशासनिक महक में हड़कंप की स्थिति बन गई है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में कलेक्टर खुद इस आरोप से हैरान है और उनका यह कहना है कि इस मामले की उन्हें जानकारी तक नहीं है। बहरहाल कलेक्टर स्तर के अधिकारी पर लगे गंभीर आरोप की जांच सरकार फिलहाल गोपनीय तरीके से करवा रही है। The trust's complaint sparked a stir in the administrative department, possibly the first time in the state that a district head has been accused of such a serious crime.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि यह मामला ट्रस्ट की अचल संपत्ति के नामांतरण आवेदन से संबंधित बताया जा रहा है। मामले में भाजपा के दिल्ली कार्यालय और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास शिकायत भेजी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में उल्लेख है कि आनंदपुर धाम ट्रस्ट ईसागढ़ में छठी पातशाही पर स्थित है और यह धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। ट्रस्ट ने हाल ही में संपत्ति के नामांतरण के लिए कलेक्टर से आवेदन किया था। इसी प्रक्रिया के दौरान कलेक्टर ने पदाधिकारियों से तीन करोड़ रुपये की मांग की। आनंदपुर धाम ट्रस्ट 315 हेक्टेयर में फैला हुआ है और यह शिक्षा, स्वास्थ्य और पशु कल्याण के क्षेत्र में कई परियोजनाएं संचालित करता है। ट्रस्ट के तहत एक चैरिटेबल अस्पताल, कई स्कूल और एक बड़ी गौशाला भी है। यहां की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित करने वाला अवसर अप्रैल 2025 में आया था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धाम का दौरा किया और सेवा कार्यों की सराहना की थी। ट्रस्ट पदाधिकारी इस मामले में स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका उद्देश्य केवल ट्रस्ट की संपत्ति के कानूनी और पारदर्शी तरीके से नामांतरण सुनिश्चित करना है। कलेक्टर आदित्य सिंह ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन्हें खुद इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वह खुद इसके बारे में पता कर रहे हैं।
