रफीक खान
केंद्र सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2026 का बजट लोकसभा में रविवार को पेश कर दिया। मिडिल क्लास वर्ग को इनकम टैक्स के मोर्चे पर कोई राहत नहीं दी बल्कि शेयर बाजार में फ्यूचर एंड ऑप्शन सेगमेंट HTT टैक्स को बढ़ा दिया गया है। दवाइयां सस्ती करने का ऐलान किया गया है। हमेशा की तरह इस बार भी आम आदमी से लेकर गरीब और किसानों के लिए कई घोषणाएं की गई है। बजट की प्रस्तुति पर जहां भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दल के नेता तारीफों के पुल बांध रहे हैं तो वहीं कांग्रेस का हर नेता इसे निराशाजनक कह रहा है। आम आदमी आशा का झुनझुना पकड़कर खामोश है। Medicines cheaper, no change in income tax, STT tax hike, Congress leaders term the Union Budget as disappointing.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि देश में 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जांएगे, जो मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, सिलिगुड़ी से वाराणसी के बीच तैयार होंगे। मेगा टैक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। नेशनल फाइबर स्कीम, मैन मेड फाइबर, एडवांस्ड फाइबर, नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को प्रोत्साहन और मदद दी जाएगी। एकेडमिक इंस्टीट्यूट से तकनीकी मदद संभव होगी। सीतारमण ने कहा कि यह भारत का 53.5 लाख करोड़ रुपये का बजट है। सरकार ने विदेश घूमने वालों के लिए बड़ी राहत दी है। विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले TCS (Tax Collected at Source) पहले 5-20 फीसदी लगता था, जिसे घटाकर सिर्फ 2 फीसदी कर दिया गया है। राज्यसभा सांसद तथा सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट विवेक कृष्ण तनखा ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा है कि 2026 का बजट पूरी तरह से नाकाम रहा। यह देश के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों से बेखबर है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) रुका हुआ है। भारत को विनिर्माण केंद्र बनाने का अवसर हाथ से निकल गया। महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर और बुनियादी ढांचे पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। लाखों बेरोजगारों के लिए नए रोजगार की कोई उम्मीद नहीं है। ग्रामीण रोजगार योजना को दरकिनार कर दिया गया है। हर क्षेत्र में वित्तीय कटौती की गई है। दरअसल, यह सरकारी निष्क्रियता और विचारहीनता को दर्शाता है।
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