50 परसेंट में तय हुई डील, लोकायुक्त पुलिस ने ₹100000 लेते ज़ोनल भू अर्जन अधिकारी को रंगे हाथों किया गिरफ्तार - khabarupdateindia

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50 परसेंट में तय हुई डील, लोकायुक्त पुलिस ने ₹100000 लेते ज़ोनल भू अर्जन अधिकारी को रंगे हाथों किया गिरफ्तार


रफीक खान
रिश्वतखोरी का एक और बड़ा मामला मध्य प्रदेश के सीधी जिले में उजागर हुआ। जहां मुआवजे के परसेंटेज पर डील तय हुई। 27 लख रुपए के मुआवजे के बदले भू अर्जन अधिकारी ने 50% की मांग की और 13 लाख 75000 में डील डन हुई। परेशान आवेदक ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की और टीम ने रिश्वत की पहली किस्त ₹100000 लेते हुए जोनल भू अर्जन अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त पुलिस की टीम उससे पूछताछ कर रही है तथा और भी प्रकरणों की जांच की जा रही है। The deal was finalised for 50%, Lokayukta police arrested the Zonal Land Acquisition Officer red-handed while accepting ₹100,000.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि आवेदक शिवबहोर तिवारी ग्राम/पोस्ट सदला जिला सीधी ने बताया कि 23 फरवरी को लोकायुक्त ने रीवा में शिकायती आवेदन दिया था। जिसमें बताया गया था कि उसकी पत्नी सुशीला तिवारी के नाम दर्ज रकवा 0.0380 हेक्टेयर भूमि है। जो कि सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण हेतु शासन ने साल 2012-13 में अधिग्रहित किया था। जमीन को अधिकारी द्वारा गलत मूल्यांकन किया गया था। जब मुआवाजा की राशि के भुगतान के संबंध में कलेक्टर कार्यालय सीधी के भू-अर्जन शाखा के जोनल अधिकारी भूपेंद्र पाण्डेय से मिल कर बात की। तब उनके द्वारा कहा गया कि आपकी मुआवाज की राशि 27 लाख रूपये होती है। जिसका आधा यानी 13.75 लाख रूपये रिश्वत के रूप में देना होगा। तभी मुआवजे का भुगतान होगा अन्यथा नहीं होगा। लोकायुक्त संभाग रीवा के द्वारा सत्यापन कराया। जिसमें आरोपी के द्वारा रिश्वत की मांग करना सही पाया गया। गुरूवार तो टीम गठित कर ट्रैप कार्रवाई की गई। जिसमें जोनल अधिकारी भू-अर्जन भूपेंद्र पाण्डेय को भू-अर्जन शाखा कलेक्टर कार्यालय में शिकायतकर्ता से 1 लाख रूपये लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध धारा 7 (क)भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया।