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Monday, 9 March 2026

आपराधिक जानकारी छुपाना पड़ गया महंगा, छह मामलों में से सिर्फ दो की ही जानकारी दी गई निर्वाचन अधिकारी को


रफीक खान
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच ने विजयपुर विधानसभा उपचुनाव के परिणाम निरस्त कर दिए हैं। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित करते हुए उनकी विधायकी समाप्त कर दी है। राजनीतिक हल्कों में हाई कोर्ट का यह फैसला काफी अहम और चर्चा का विषय बना हुआ है। मुकेश मल्होत्रा ने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस से भारतीय जनता पार्टी में गए और मंत्री रहे रामनिवास रावत को चुनाव हराया था लेकिन वह अपने आपराधिक मामलों की जानकारी देने में गलती कर बैठे। उन्होंने छह मामलों की जगह सिर्फ दो की ही जानकारी निर्वाचन अधिकारी को दी थी।Concealing criminal information proved costly, with only two of the six cases reported to the election officer.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मध्यप्रदेश की विजयपुर विधानसभा उपचुनाव से जुड़े विवादित मामले में सोमवार को ग्वालियर हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। यह फैसला जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सुनाया। कोर्ट ने साथ ही भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को चुनाव में दूसरे स्थान पर रहने के आधार पर विजयपुर विधानसभा से निर्वाचित विधायक घोषित किया है। दरअसल, वर्ष 2024 में हुए विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने रामनिवास रावत को और कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा विजयी घोषित हुए थे। हार के बाद रामनिवास रावत ने ग्वालियर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मुकेश मल्होत्रा ने नामांकन के दौरान अपने चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों से जुड़ी जानकारी छुपाई थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उनके निर्वाचन को निरस्त कर दिया।