रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर में हाई कोर्ट की प्रिंसिपल बेंच के कोर्ट रूम तक सोमवार को भ्रूण ले जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक जबलपुर संपत लाल उपाध्याय ने एक एएसआई सहित चार पुलिस कर्मियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सस्पेंड कर दिया है। हाई कोर्ट के गेट नंबर 6 पर तैनात इन पुलिसकर्मियों द्वारा गंभीर लापरवाही बरती गई। दयाशंकर पांडे नामक एक व्यक्ति बैग में भ्रूण लेकर हाई कोर्ट परिसर और फिर कोर्ट रूम तक जा पहुंचा और सुरक्षा तंत्र को भनक भी नहीं लगी। पुलिस कर्मियों के आचरण की भी जांच की जा रही है। Dayashankar Pandey entered through Gate No. 6 with a bag in his hand, leading to gross negligence on the part of police personnel deployed for security.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि रीवा जिले के बैकुंठपुर निवासी दयाशंकर पांडे सोमवार को गेट नंबर 6 से हाईकोर्ट परिसर में दाखिल हुआ। उसके बैग में दस्तावेजों के साथ धूण रखा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई। दयाशंकर पांडे ने पुलिस कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सोमवार को इसी मामले में सुनवाई थी। वह स्वयं ही अपने केस की पैरवी करने हाईकोर्ट पहुंचा था।एसपी संपत लाल उपाध्याय ने एएसआई मुन्ना अहिरवार, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री, हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय और कांस्टेबल प्रतीक सोनकर को निलंबित कर दिया है। इन सभी की डयूटी हाईकोर्ट की सुरक्षा में लगी थी। पुलिस पूछताछ में दया शंकर पांडे द्वारा अपने विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने से लेकर तरह-तरह के किस्से सुनाए गए। दयाशंकर द्वारा की गई इस हरकत पर क्या कानूनी कार्रवाई की गई पुलिस ने अभी इसका खुलासा नहीं किया है।
