रफीक खान
लगातार धमाकों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल संयुक्त रूप से दावा कर रहे हैं कि उन्होंने ईरान के प्रधानमंत्री तथा सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई को मार दिया है। हालांकि ईरान इन दावों को सिरे से खारिज कर रहा है। ईरान का कहना है कि उनका नेता जिंदा है और सुरक्षित है। हमले में लगातार जनहानि हो रही है और इसकी गिनती अभी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है। वहीं बड़ी तादाद में फ्लाइट भी रद्द कर दी गई है। इस जंग का असर पूरी दुनिया की हवाई उड़ानों पर देखने को मिल रहा है। Flights completely cancelled, affecting flights across the world; Iran denies Trump and Israel's claims.
दुनिया भर की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जा रहा है कि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है कि 'जहां तक मुझे पता है', खामेनेई अभी जीवित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और अधिकांश उच्च पदाधिकारी सुरक्षित हैं, हालांकि कुछ कमांडरों की मौत की पुष्टि हुई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है कि 'जहां तक मुझे पता है', खामेनेई अभी जीवित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और अधिकांश उच्च पदाधिकारी सुरक्षित हैं, हालांकि कुछ कमांडरों की मौत की पुष्टि हुई है। इजरायली मीडिया (जैसे चैनल 12 और अन्य) ने सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि शनिवार सुबह (28 फरवरी 2026) के हमलों में खामेनेई की मौत हो गई है या कम से कम गंभीर रूप से घायल हैं। इजरायल के आकलन में 'बढ़ते संकेत' बताए गए, और कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि उनके संपर्क में कोई नहीं है लेकिन इजरायल सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की। इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े हमले शुरू किए, जिसे इजरायल ने ऑपरेशन लायंस रोर और अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया।शुरुआती हमलों में तेहरान में खामेनेई के परिसर, कार्यालयों और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा जारी उपग्रह तस्वीरों में खामेनेई के आधिकारिक निवास में भारी नुकसान दिखा है। रिपोर्टों में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पाकपुर समेत कुछ वरिष्ठ कमांडरों की मौत की खबरें हैं।नेतन्याहू और ट्रंप ने हमलों को जायज ठहराते हुए कहा कि यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल क्षमता को खत्म करने और शासन बदलने के लिए है। ट्रंप ने ईरानी लोगों से अपील की कि वे सरकार पर कब्जा कर लें।
