पालकी पर सवार होकर आएंगी मां भवानी, पंचांग के अनुसार इस तरह से रहेगा घट स्थापना और पूजन मुहूर्त - khabarupdateindia

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पालकी पर सवार होकर आएंगी मां भवानी, पंचांग के अनुसार इस तरह से रहेगा घट स्थापना और पूजन मुहूर्त


रफीक खान
शक्ति और साधना के पर्व चैत्र नवरात्र की शुरुआत इस बार 19 मार्च से होगी। समूचे देश में यह पर्व सनातन धर्मावलंबियों द्वारा पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। घरों से लेकर मंदिर तक उपासना की जाती है।Mother Bhavani will arrive in a palanquin, according to the almanac, this is how the Ghat installation and worship time will be.

पंचांग के मुताबिक कहा जाता है कि इस बार चैत्र नवरात्र 19 मार्च 2026, गुरुवार से शुरू होगा और समापन 27 मार्च को होगा। यह पर्व हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा-उपासना बड़ी ही श्रद्धा के साथ की जाती है। चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि इस बार 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 20 मार्च की सुबह 4 बजकर 52 मिनट पर होगा। नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना और घटस्थापना की जाती है। 19 मार्च को घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर सुबह 7 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। अगर कोई इस मुहूर्त में घटस्थापना न कर पाए तो उनके लिए घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त भी रहेगा। यह मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से लेकर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। हर बार नवरात्र में देवी अलग-अलग वाहन पर आती हैं, और उस वाहन के हिसाब से अगले छह महीने की स्थिति का अंदाजा लगाया जाता है। इस बार मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आएंगी और विदाई हाथी पर होगी। चैत्र नवरात्र की तिथि प्रतिपदा (मां शैलपुत्री): 19 मार्च 2026 द्वितीया (मां ब्रह्मचारिणी): 20 मार्च 2026 तृतीया (मां चंद्रघंटा): 21 मार्च 2026 चतुर्थी (मां कुष्मांडा): 22 मार्च 2026 पंचमी (मां स्कंदमाता): 23 मार्च 2026 षष्ठी (मां कात्यायनी): 24 मार्च 2026 सप्तमी (मां कालरात्रि): 25 मार्च 2026 अष्टमी (मां महागौरी): 27 मार्च 2026 नवमी (मां सिद्धिदात्री): 28 मार्च 2026 और रामनवमी।