रफीक खान
मध्य प्रदेश विधानसभा में नगरीय प्रशासन विभाग के कैबिनेट मिनिस्टर कैलाश विजयवर्गीय ने विधायक महेंद्र हटिया द्वारा पूछे गए सवाल पर गलत जवाब दे दिया। सही और गलत की पड़ताल तो बाद में हुई लेकिन विधानसभा में जब इंदौर के सफाई संरक्षकों के बारे में जानकारी कैबेनेट मिनिस्टर द्वारा प्रस्तुत की गई तो लोग अचंभित हो गए। पड़ताल की गई तो पता चला कि वाकई में यह जवाब गलत था। विधानसभा में विधायक द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब प्रक्रियागत नगर निगम इंदौर द्वारा तैयार किया गया था। इंदौर नगर निगम की स्थापना शाखा ने निहायत ही लापरवाही का परिचय दिया। कार्यालय अधीक्षक हरीश श्रीवास्तव ने अपने बाबू अतुल बाजपेई द्वारा तैयार की गई जानकारी को आंख बंद कर ओके कर दिया। मामले में हरीश श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है तथा लिपिक अटल वाजपेई की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। The Municipal Corporation's establishment branch had provided incorrect information, and the office superintendent blindly signed the document.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि विधायक हार्डिया ने विधानसभा में सवाल लगाकर इंदौर नगर निगम में स्वीकृत पद, कार्यरत पद एवं रिक्त पदों की जानकारी मांगी थी। यह भी पूछा था कि क्या कर्मचारियों की कमी के चलते एक ही अधिकारी को कई जगह का प्रभार सौंपा गया है? नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय ने जवाब दिया कि निगम सीमा विस्तार के चलते अधिकारियों को एक से ज्यादा प्रभार दिए गए हैं। सीमा क्षेत्र के हिसाब से निगम में अमले की कमी है।विजयवर्गीय के जवाब के मुताबिक, निगम में 6312 पद हैं, लेकिन केवल 1493 पद ही भरे हैं और 4819 खाली हैं। सफाई संरक्षकों के 3900 पद हैं, ये सभी खाली हैं। जबकि, निगम में 1200 से ज्यादा सफाई संरक्षक कार्यरत हैं और 2400 से ज्यादा विनियमित सफाई संरक्षक सफाई का जिम्मा संभालते हैं। जांच पड़ताल के दौरान यह जवाब कार्यालय अधीक्षक के माध्यम से तैयार कराकर प्रेषित किया जाना पाया गया। नगर निगम द्वारा लिए गए एक्शन के तहत कार्यालय अधीक्षक हरिश श्रीवास्तव की विभागीय जांच भी संस्थापित की गई है।
