पूर्व एडमिरल के बयान के बाद केंद्र सरकार में खलबली, अगले कदम के लिए हो रहा मंथन, खमेनेई की मौत पर शोक - khabarupdateindia

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पूर्व एडमिरल के बयान के बाद केंद्र सरकार में खलबली, अगले कदम के लिए हो रहा मंथन, खमेनेई की मौत पर शोक


रफीक खान
पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश ने एक बयान में कहा है कि अमेरिका ने बिना सूचना के युद्ध को भारतीय सीमाओं तक पहुंचा दिया है। मोदी सरकार को गंभीरता के साथ आगे आकर इस पर नाराजगी व्यक्त करना चाहिए। हिंद महासागर क्षेत्र तक युद्ध को पहुंचाकर जिस तरह से श्रीलंका तट के पास एक ईरानी जहाज पर हमला किया गया, वह निंदनीय भी है और चिंतनीय भी। पूर्व एडमिरल के बयान के बाद केंद्र सरकार में खलबली बची हुई है। मंथन किया जा रहा है कि अगला कदम क्या होगा और इस बीच पहली बार भारत सरकार ने ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्लाह खमेनेई की मौत पर शोक भी व्यक्त कर दिया है। The central government is in turmoil after the former admiral's statement, deliberating on the next steps, and mourning Khamenei's death.

मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा जाता है कि पूर्व एडमिरल अरुण प्रकाश का मानना है कि "यह हैरान करने वाला है कि अमेरिका ने बिना किसी सूचना के भारतीय सीमाओं के करीब युद्ध जैसे हालात बना दिए हैं।" भारत में एक नौसैनिक अभ्यास (MILAN 2026) से वापस लौट रहे ईरानी जहाज पर श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा हमला किया गया। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच“ श्रीलंका के दक्षिणी तट से गुजर रहे एक ईरानी जहाज पर पनडुब्बी से हमला हुआ। जिसमें कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि 100 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। हमले में कई लोगों के घायल होने की भी खबर है। अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत पर हुए हमले का वीडियो जारी किया है। ईरानी जहाज में कुल 180 लोग सवार थे। रिपोर्टस के अनुसार जैसे ही ईरानी जहाज की ओर से संकट के संकेत का इशारा किया गया, वैसे ही श्रीलंका की सेना ने पहुंचकर खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया। श्रीलंकाई नौसेना की ओर से समुद्र में डूबे ईरानी युद्धपोत से 87 लोगों के शव बरामद हुए है।न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, श्रीलंका ने बुधवार (4 मार्च) को बताया कि उसके दक्षिणी तट पर डूबे नौसैनिक जहाज से करीब 32 ईरानी नागरिकों को बचाया गया है। जबकि कई शव भी बरामद किए गए। विदेश मंत्री विजिथा हेरथ ने संसद को बताया कि सुबह 5 बजकर 8 मिनट पर गाले के दक्षिणी बंदरगाह जिले से लगभग 40 समुद्री मील दूर स्थित आईरिस देना नामक जहाज के डूबने की आपातकालीन सूचना मिली। जिसके बाद नेवी और वायु सेना ने राहत और बचाव अभियान चलाया। ईरानी जहाज ने हाल ही में भारत की ओर से आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया था। हालांकि अभी तक भारतीय नौसेना की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। भारत ने पहली बार खामेनेई की मौत पर शोक जताया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ईरानी दूतावास पहुंचे और शोक पुस्तिका पर साइन किए, श्रद्धांजलि दी।