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Wednesday, 4 March 2026

वीडियो हो रहा वायरल, पुलिस ने नेतागिरी करने वालों को छोड़ तो दिया लेकिन गाड़ी कर ली जप्त


रफीक खान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह जिला उज्जैन के नागदा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। वीडियो में पुलिस वाहन चेकिंग कर रही है और शराब पीने वालों की बीच ब्रेथ एनालाइजर से जांच की जा रही है। तभी वहां भाजपा तथा आरएसएस के नेताओं से उनका टकराव हो जाता है। बहस के दौरान नेता गढ़ ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर को खूब खरी खोटी सुनाते हैं तथा औकात दिखाने पड़ेगी... जैसे जुमले भी बोलते हैं। पुलिस ने खुद इस पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग की और नेता गणों को जाने दिया लेकिन उनकी गाड़ी जप्त कर ली है।The video is going viral; the police released the politicians but confiscated their vehicle.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जाता है कि नागदा में होली के मद्देनजर उप निरीक्षक योगिता उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच कर रही थी। इसी दौरान RSS के जिला सह-कार्यवाह राय सिंह चौधरी और भाजपा मंडल उपाध्यक्ष शंकर लाल प्रजापत मौके पर पहुंचे और कार्रवाई को लेकर पुलिस से उलझ पड़े। एसआई वीरेंद्र सिंह चौहान ने वाहन रोककर ब्रेथ एनालाइजर से जांच की बात कही। आरोप है कि इसी दौरान बहस तेज हो गई और राय सिंह चौधरी ने गाड़ी की चाबी एसआई की ओर फेंकते हुए कहा- अब गाड़ी तुम मेरे घर देने आओगे। भाजपा मंडल उपाध्यक्ष शंकर लाल प्रजापत ने भी कथित तौर पर पुलिसकर्मी से कहा- तुम पब्लिक सर्वेट हो और तुम्हें तनख्वाह हमारी सरकार देती है। तुम्हें औकात दिखाना पड़ेगी। कुछ देर तक मौके पर झड़प जैसी स्थिति बनी रही, हालांकि पुलिस टीम ने संयम रखा। थाना प्रभारी अमृत लाल गवरी ने साफ कह दिया कि फिलहाल पदाधिकारियों पर कोई सीधी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्हें समझाइश देकर मौके से जाने दिया गया। हालांकि, चेकिंग के दौरान जब्त वाहन को वैध दस्तावेजों की जांच के बाद ही छोड़ा जाएगा। हंगामे के बाद पदाधिकारी काले रंग की स्कॉर्पियो में बैठकर वहां से रवाना हो गए।