लखन के भाषण को लेकर टकराए दो गुट, एक बार शांत हुआ विवाद, फिर गरमाया माहौल, जमकर गाली-गलौज - khabarupdateindia

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लखन के भाषण को लेकर टकराए दो गुट, एक बार शांत हुआ विवाद, फिर गरमाया माहौल, जमकर गाली-गलौज


रफीक खान
अपने कार्यक्रमों में अनुशासनहीनता और मारपीट के लिए राजनीतिक क्षेत्र में पहले से विख्यात कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में फिर एक नमूना पेश किया। यहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रानी अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हुआ। लाखन सिंह पटेल के भाषण को रोके जाने के संकेत के बाद दो गुट आमने-सामने आ गए और मामला बिगड़ता ही चला गया। मामूली सी बात पर प्रदेश के दिग्गज कांग्रेसी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के सुपुत्र पूर्व सांसद नकुलनाथ की मौजूदगी में वह सब हुआ जो नहीं होना चाहिए था। Two groups clashed over Lakhan's speech; the dispute subsided for a while, but then heated up again, with heavy abuse.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि नरसिंहपुर में स्वतंत्रता सेनानी रानी अवंतीबाई लोधी के 168वें बलिदान दिवस पर आयोजित कांग्रेस की श्रद्धांजलि सभा में भाषणों का दौर चल रहा था। इसी दौरान समय कम होने पर मंच संचालन कर रहे पदाधिकारियों ने विधानसभा प्रत्याशी लाखन सिंह पटेल को संबोधन समेटने का संकेत दिया। यही इशारा विवाद की चिंगारी बन गया। लाखन सिंह के समर्थकों ने इसे अपमान बताया। उनके दामाद कपिल पटेल ने मंच के सामने ही तीखी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह लोधी समाज का कार्यक्रम है और भाषण रोका जाना गलत है। कुछ देर के लिए मामला शांत हुआ, लेकिन असंतोष बना रहा। जैसे ही नकुल नाथ अपना उद्बोधन खत्म कर मंच से नीचे उतरे, कपिल पटेल और कार्यक्रम प्रबंधन के बीच फिर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बात गाली-गलौज से आगे बढ़ गई। इस दौरान पूर्व विधायक सुनील जायसवाल भी विवाद में कूद पड़े। कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों गुटों को अलग किया। इससे पहले अपने संबोधन में नकुल नाथ ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान, नौजवान और महिलाएं परेशान हैं। बेरोजगारी और महिला अत्याचार बढ़ रहे हैं। किसानों को समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा, वहीं ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गई हैं।