मासूम बच्चे की परवरिश पर मानवीयता दिखाई अदालत ने, अभियोजन कार्रवाई के लिए स्पष्ट निर्देश - khabarupdateindia

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मासूम बच्चे की परवरिश पर मानवीयता दिखाई अदालत ने, अभियोजन कार्रवाई के लिए स्पष्ट निर्देश


रफीक खान
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में हुए हवाला मनी लूट कांड की मुख्य आरोपी सस्पेंड डीएसपी पूजा पांडे को भारत के शीर्ष न्यायालय से जमानत प्राप्त हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने उनके द्वारा दायर की गई जमानत अर्जी में प्रस्तुत एकल माता और मासूम बच्चे की परवरिश संबंधी मानवीय बिंदु को आधार बनाकर राहत प्रदान की है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि सस्पेंड डीएसपी जेल से बाहर आने के बाद अभियोजन संबंधी कार्रवाई में किसी तरह की कोई बाधा उत्पन्न नहीं करेगी। उधर पूजा पांडे के खास सहयोगी रहे सस्पेंड डीएसपी पंकज मिश्रा को पहले ही हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। हालांकि पंकज मिश्रा की तमाम गतिविधियों पर पुलिस मुख्यालय में निगरानी के लिए एक विशेष टीम भी बना रखी है। The court showed humanity in raising an innocent child and issued clear instructions for prosecution.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि पूजा पांडे ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले की सुनवाई 18 मई को निर्धारित की गई थी और यह सुनवाई सूची में दसवें क्रम पर था। सिवनी के खैरीटेक क्षेत्र में हुई कथित हवाला रकम की लूट ने प्रदेशभर में सनसनी फैला दी थी। आरोप है कि पुलिस वर्दी और हथियारों का इस्तेमाल करते हुए योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया गया था। मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया था और उच्चस्तरीय जांच शुरू की गई थी। इसके बाद ही पूजा पांडे, पंकज मिश्रा सहित दर्जन भर से ज्यादा पुलिस कर्मचारियों को लूट और डकैती की धाराओं के तहत जेल भेज दिया गया था।