रफीक खान
मध्य प्रदेश में सियासत के चलते नए-नए कारनामे देखने को मिलते हैं। कहीं श्रेय की लड़ाई तो कहीं नाम को लेकर नेतागिरी। आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी में ऐसा ही मामला सामने आया। रविवार को डिंडोरी में जिन निर्माण कार्यों का लोकार्पण होना है, उनके शिलापट्ट में विधायक सहित नेताओं के नाम न होने के कारण विरोध उबल आया है। डिंडोरी कलेक्ट्रेट के गेट पर देर रात तक धरना जारी है। मांग की जा रही है कि जिन अधिकारियों ने जानबूझकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और विधायक को नजरअंदाज किया है, उन पर कार्रवाई की जाना चाहिए। साथ ही शिलापट्ट को संशोधित करवा के नाम लिखे जाएं। BJP MLA and party office-bearers furious over names missing from inauguration plaque; staged a sit-in at the Collectorate gate until late at night.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि बजाग और करंजिया जनपद पंचायत क्षेत्र में निर्माण कार्यों के भूमि पूजन और लोकार्पण के लिए लगाए जा रहे शिलापट्टों में भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम और मंडल अध्यक्षों का नाम नहीं होने का विरोध बढ़ गया है। करंजिया में महाविद्यालय भवन सहित अन्य छात्रावास और स्कूल भवनों का लोकार्पण कार्यक्रम रविवार को होना है। इस कार्यक्रम में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को भी शामिल होना है। इसी कार्यक्रम के लिए लगाए गए शिलापट्टों में भाजपा नेताओं का नाम नहीं है। शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे और विभागीय अधिकारियों के बीच बातचीत भी हुई। जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर सभी नेता अड़े हुए हैं। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, भाजपा आदिवासी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह टेकाम सहित अन्य नेता देर रात कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठे हैं। विरोध प्रदर्शन में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधराज बिलैया, सभी महामंत्री और मंडल अध्यक्ष भी पहुंच गए हैं। अधिकारी कलेक्टर पर बात डाल रहे हैं जबकि कलेक्टर अब तक इस मामले में कुछ भी बोलते सामने नहीं आई है।
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