रफीक खान
मध्य प्रदेश के देवास जिले में शनिवार को वन विभाग की टीम वन भूमि के अतिक्रमण पर कार्रवाई के दौरान भीड़ के आक्रोश का शिकार हो गई। 100 से अधिक ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को घेर लिया और जमकर मारपीट की। पथराव में कई वन कर्मचारियों को गंभीर रूप से चोट पहुंची। 6 वन कर्मियों को अस्पताल पहुंचा कर आईसीयू में भर्ती कराया गया है। दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके को पुलिस ने घेर लिया।FIR दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।Major commotion erupted during the removal of encroachments on forest land; the injured were taken to the hospital and admitted to the ICU.
घटना के संबंध में जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि शनिवार को पूर्वांन्ह 11 बजे के आसपास पुलिस प्रशासन के साथ फारेस्ट की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। जब यह टीम बुल्डोजर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर रही थी, तभी आसपास से आए 100 से अधिक ग्रामीणों ने सभी को घेर लिया। और, अचानक चारों तरफ से पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में कई वनकर्मी और पुलिसकर्मियों को अंदरूनी चोटें लगी है,जबकि कई वनकर्मियों के सिर में चोट लगने से खून बहने लगा। इस पथराव में वन विभाग की महिला कर्मचारी भी घायल हो गई हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने बुलडोजर सहित कई अन्य वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। कई सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार फारेस्ट विभाग के मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल परमार, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज ढाढे घायल हो गए। जिन्हें अंदरूनी चोट लगी है उनका भी मुलाकात कराया गया है उनके नाम अभी सामने नहीं आए हैं लेकिन दर्ज की जा रही FIR में शामिल है।
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