रफीक खान
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में बुधवार को एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में उतरे दो भाइयों की मौत हो गई। बचाव के दौरान दम घुटने से एक मजदूर भी गंभीर अस्पत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टैंक एक माह से बंद पड़ा था। जिसमें जहरीली गैस बन जाने की संभावना जताई गई है। मृतक भाइयों में से एक सेंटरिंग खोलने के लिए टैंक के भीतर घुसा था, जब वापस नहीं लौटा तो दूसरा उसकी तलाश के लिए नीचे उतरा। वह भी वापस नहीं लौटा। घटना के बाद हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। दोनों भाइयों को अचेत अवस्था में निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। The tank had been sealed for a month; they had gone down to remove the centering formwork. Presuming him unconscious, he was rushed to the hospital, where the doctor declared him dead.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मुलताई के भगतसिंह वार्ड निवासी ओमप्रकाश परमंडल के मकान में सेप्टिक टैंक बन रहा था। उसमें डिवटिया निवासी विजय पंवार (38) तथा संजय (30) की सेटरिंग लगी थी। बुधवार की शाम को संजय सेटरिंग खोलने के लिए टैंक में उतरा। देर तक ऊपर नहीं आया तो उसका बड़ा भाई विजय टैंक में घुसा। वह भी वापस नहीं आया तो उनका मजदूर मुकेश परिहार (30) ने टैंक में झांककर देखा। वहां दोनों भाई फर्श पर गिरे दिखे।vउसने शोर मचाकर लोगों को बुलाया, तब तक वह भी बेहोश हो गया। लोगों ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डाॅक्टर ने संजय एवं विजय को मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद मुकेश को जिला अस्पताल रेफर किया गया। घटना की सूचना पर पुलिस की मौके पर पहुंच गई, जो मामले की जांच कर रही है।
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