रफीक खान
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बार फिर हनी ट्रैप ने सनसनी मचा दी है। इस बार हनी ट्रैप की बलि एक युवा शराब व्यवसायी चढ़ गया। लगातार इंदौर से लेकर मुंबई तक से उसे धमकियां मिल रही थी। निरंतर ब्लैकमेल किया जा रहा था। समझौते की उसने काफी कोशिश की। 25 लाख रुपए नगद दिए। इसके अलावा भी लाखों रुपए बर्बाद किए लेकिन ब्लैकमैलर्स की भूख शांत नहीं हुई और शराब कारोबारी ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। अब मामला पुलिस के पास है।इस पूरे घटनाक्रम में कितने किरदार हैं? पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। Continuous threats were given from Indore to Mumbai, everything went well for 2 years, lakhs of rupees were wasted
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि शराब कारोबारी और पब संचालक भूपेंद्र ने सुसाइड नोट में लिखा है कि "मेरे मरने के बाद मेरे घरवालों और दोस्तों को कोई परेशान न करें। लड़की के साथ मेरा रिश्ता दो साल से ज्यादा चला। शुरू में सब कुछ ठीक था, लेकिन मुंबई जाने के बाद कुछ समय बाद उसने धमकी देना शुरू कर दिया। वह मुझे डराती थी कि मेरे ऊपर रेप केस लगवा देगी। मुंबई में किन लोगों से उसका संपर्क है या उसके पीछे कौन लोग हैं, यह साफ नहीं है। मुंबई या इंदौर दोनों जगह से वह दबाव बनाती रही। जब वह यहां आने वाली थी, तब मैंने दीपेश भैया और श्रीकांत भैया को बताया था। उसी रात उसने हंगामा किया और मामला 25 लाख में सुलझा। अगले दिन मैंने पैसे भी दे दिए। इसके बाद भी कुछ समय तक वह रोती रही। लोगों के सामने कुछ और बोलती थी और अकेले में कुछ और। शुरू में जो भी हुआ, वह मेरी मर्जी से था और सारे खर्चे भी मैंने ही किए। बाद में उसे किसी का गलत सपोर्ट मिला और उसने मुझे पूरी तरह घर में कैद कर दिया। सबके सामने वह कहती थी कि मैं कुछ नहीं करता, लेकिन सारी डिटेल मेरे कार्ड, पेटीएम और फ्लाइट करवाने वाले करण भैया से मिल जाएगी।" दूसरे सुसाइड नोट में लिखा है कि "मोबाइल से लेकर एयरपोर्ट, शॉपिंग, सैलून और बाकी सारे खर्च मैंने किए हैं। ये सब चीजों को नकार नहीं सकती, क्योंकि ये सबके सामने हुआ है। बर्थडे और बाकी मौकों पर जो कुछ भी हुआ, वह कैसे नकारा जा सकता है? कुछ समय पहले कार के लिए भी ‘हां’ की थी, फिर बाद में ‘ना’ कर दी। मुंबई में दो-तीन गाड़ियों की टेस्ट ड्राइव भी ली थी। अब केस करने का बोल रही है। मुंबई जाने के बाद क्या हुआ, पता नहीं। उसने मुझे कई बार कहा कि केस लगवा दूंगी। मुझे नहीं पता इसके पीछे कौन-कौन लोग हैं। मेरा फोन हैक करवा रखा है। मुझसे कहती है कि उसके पास पूरा रिकॉर्ड है। इस वजह से मुझे दूसरा फोन लेना पड़ा, क्योंकि इसका फोन मैं मिस नहीं कर सकता था। दूसरे फोन पर अलग बातें होती थीं और एक फोन हमेशा इसके लिए फ्री रखना पड़ता था।" पुलिस ने सुसाइड नोट जप्त कर लिया है। घटनाक्रम के अन्य संबंधित लोगों से बारी-बारी से पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद असलियत सामने आने की उम्मीद इंदौरवासी कर रहे हैं।
