रफीक खान
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में मंगलवार की रात अचानक बखेड़ा खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर किए गए कमेंट ने इतना तूल पकड़ा कि दो समुदाय आमने-सामने आकर सीधे टकरा गए। मौके पर पर्याप्त पुलिस न होने की स्थिति में विवाद बढ़ता चला गया। बाद में पुलिस के पहुंचने पर दोनों पक्षों को खदेड़ा गया। कलेक्टर तथा पुलिस कप्तान ने स्वयं मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। मामले की जांच की जा रही है और इस सांप्रदायिक विवाद में जिन भी लोगों के नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। देर रात तक पुलिस शांति और कानून व्यवस्था को बहाल रखने के लिए डेरा डाले हुए है। In Damoh, MP, comments made on social media created a ruckus, the uproar continued till late night
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मंगलवार रात सोशल मीडिया पर किए गए एक कमेंट को लेकर हटा में दो समुदायों के बीच अचानक तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। मामला उस समय गरमाया जब उपमुख्यमंत्री एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे और प्रशासनिक अमला उसी स्थान पर मौजूद था। थाना परिसर में पर्याप्त पुलिस बल न होने से दोनों पक्ष थाना मंदिर चौराहा पर आमने-सामने आ गए। शुरुआत में दोनों समुदायों के लोगों में झड़प और गाली-गलौज हुई, इसके बाद भीड़ जमा होकर नारेबाजी करने लगी। जानकारी मिलते ही दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कौचर और एसपी सुतकीर्ति सोमवंशी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत की। प्राथमिक जांच में सामने आया कि विवाद की जड़ एक समुदाय विशेष के व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर किया गया आपत्तिजनक कमेंट था, जिसे हटाने की मांग को लेकर विवाद बढ़ा। प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों के लोगों को खदेड़कर घर भेजा। एसपी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रिजर्व पुलिस के अलावा भी बल बुलाकर तैनात कर दिया गया है।
