रफीक खान
जम्मू एंड कश्मीर के जम्मू संभाग में तबाही का दृश्य बना हुआ है। मंगलवार को यहां भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं में अब तक 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 200 से ज्यादा घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल, मृत और इस आपदा में फंसने वालों में वैष्णो देवी की यात्रा करने गए श्रद्धालु भी शामिल है। सड़क मार्ग का संपर्क ध्वस्त हो गया है। अन्य सुविधाएं व व्यवस्थाएं भी पूरी तरह चटपट हो गई है। राज्य सरकार के विभाग स्थिति को बहाल करने में लगे हुए हैं। वैष्णो देवी यात्रा को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। Devastation in Jammu division, more than 200 injured, many devotees also stranded, road connectivity destroyed
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जाता है कि अर्धकुंवारी मार्ग पर भूस्खलन की घटना उस समय हुई जब श्रद्धालु इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास वर्षा के बीच आगे बढ़ रहे थे। अचानक पहाड़ी से बड़े पत्थर गिरने लगे, जिससे कई श्रद्धालु भूस्खलन की चपेट में आ गए। जम्मू के चनैनी नाला में एक कार गिरने से तीन श्रद्धालु बह गए। लापता तीन में से दो श्रद्धालु राजस्थान के धौलपुर और एक आगरा का रहने वाला है। रविवार से जारी वर्षा के कारण जम्मू की सड़कें व पुल झेल नहीं पाए और शहर में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। इसके साथ ही जम्मू का देश से सड़क व रेल संपर्क पूरी तरह कट गया। मंगलवार रात भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने रात नौ बजे के बाद अकारण घरों से बाहर निकलने पर भी रोक लगा दी थी। तवी, चिनाब, उज्ज सहित सभी नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। जम्मू में तवी नदी पर बना भगवतीनगर पुल की एक लेन धंस गई, जबकि इस नदी पर बने दो अन्य पुलों पर एहतियातन आवाजाही बंद कर दी गई है। कठुआ के पास पुल धंसने से जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय पर यातायात पहले से प्रभावित था।सांबा में सेना के जवानों ने खानाबदोश गुज्जर समुदाय के सात लोगों को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला है। जम्मू संभाग के सभी स्कूलों और कालेजों में 27 अगस्त को अवकाश घोषित किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति को लेकर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात की और घटना पर दुख व्यक्त किया।
