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Friday, 29 August 2025

पत्रकार पर कातिलाना हमला मामले में जिला कोर्ट ने 16 साल बाद सुनाई सजा, MP के में पहली बार एक साथ 5 वकील


रफीक खान
मध्य प्रदेश के इंदौर जिला न्यायालय ने एक पत्रकार पर किए गए कातिलाना हमला मामले में 16 साल बाद पांच लोगों को सजा सुनाई है। बड़ा ही ऐतिहासिक संयोग है कि आरोपियों में सभी पांच के पांच पेशे से वकील है। यानी कि मध्य प्रदेश के इतिहास में संभवत: पहली बार पांच वकीलों को जिला न्यायालय द्वारा दंडित किया गया है। इनमें एक आरोपी वकील की उम्र 90 वर्ष बताई जा रही है। जिन्हें दूसरों की तुलना में कम सजा दी गई है। District court pronounced the sentence after 16 years in the murderous attack case on the journalist, for the first time in MP 5 lawyers together

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंदौर श्रीकृष्ण डागलिया की कोर्ट ने 90 साल के एक वकील को तीन साल और अन्य चार को 7-7 साल के सश्रम कैद की सजा सुनाई। मामला वर्ष 2009 का है। उज्जैन जिला कोर्ट परिसर में गवाही के लिए आए घनश्याम पटेल को रोकने की नीयत से पांचों वकीलों ने हमला किया था। इसमें 90 साल के अभिभाषक सुरेंद्र शर्मा और उनके दो बेटों धर्मेंद्र शर्मा, शैलेंद्र शर्मा, भतीजे भतीजे भवेद्र शर्मा के साथ ही जूनियर वकील पुरुषोत्तम राय शामिल थे। चारों के खिलाफ एक केस में गवाही देने के लिए पटेल कोर्ट पहुंचे थे। मामले में पटेल ने धर्मेंद्र शर्मा की शिकायत ऑल इंडिया बार काउंसिल को की थी। इस कैस के चलते जब वे जेल में थे, तब बार काउंसिल ने उनकी सनद सरेंडर कर दी। बाद में उनकी सनद उन्हें सजा सुनाते हुए रिस्टोर की। उनकी सजा को कम बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में भी केस लगाया गया, जहां बताया था कि इनके खिलाफ उज्जैन में किसी केस में साक्ष्य पेश न होने से केस नहीं चल पाता है। उज्जैन जिला कोर्ट में ये खुद वकील है। ऐसे में वहां केस में दिक्कत आती है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केस को इंदौर जिला कोर्ट में ट्रांसफर कर 6 माह में केस की सुनवाई पूरी करने के आदेश भी दिए। इसके अलावा कोर्ट ने कहा था कि केस की पूरी सुनवाई होने के बाद हम देखेंगे कि कितनी सजा हो सकती है या नहीं हो सकती है। संभवत: यह केस समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट भी भेजा जा सकता है।