भाजपा विधायक और जिला कलेक्टर के बीच जमकर हुआ झगड़ा, IAS संगठन ने किया पुरजोर विरोध - khabarupdateindia

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भाजपा विधायक और जिला कलेक्टर के बीच जमकर हुआ झगड़ा, IAS संगठन ने किया पुरजोर विरोध


रफीक खान
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में पदस्थ चर्चित कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के विधायक नरेंद्र कुशवाहा के बीच जमकर झगड़ा हुआ। गाली-गलौज और आरोप प्रत्यारोप के बीच विधायक कलेक्टर को मारने के लिए दौड़े। मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने कलेक्टर को बचाया और विधायक को रोका। इसके बाद भी दोनों के बीच विवाद थमा नहीं। मामले के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। जिसमें स्पष्ट तौर पर दिख रहा है कि विधायक नरेंद्र कुशवाहा कलेक्टर को ठूँसा मारने के लिए दौड़ रहे हैं। संज्ञान में आने के बाद मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव ने इस मामले की घोर निंदा करते हुए पुरजोर विरोध किया है। पूरी बात मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री को भी अवगत करा दी गई है। There was a fierce fight between the BJP MLA and the District Collector, the IAS organization strongly opposed

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि भाजपा विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बंगले के बाहर किसानों व अपने समर्थकों के साथ खाद व अन्य समस्याओं को लेकर धरने पर बैठे हुए थे। कलेक्टर के बंगले के बाहर सुबह से ही नारेबाजी की जा रही थी। काफी देर तक विधायक नरेन्द्र सिंह के धरने पर बैठे रहने के बाद जब कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव उनसे मिलने के लिए बंगले के गेट पर आए तो विधायक व कलेक्टर के बीच तीखी नोंक झोंक हो गई और इस दौरान विधायक ने कलेक्टर को मारने के लिए हाथ तक उठाया। किसी तरह सुरक्षाकर्मियों ने मामले को शांत कराया लेकिन तभी बातचीत खत्म होते ही विधायक एक बार फिर भड़क गए और कलेक्टर को मारने के लिए दौड़ पड़े। इस दौरान कलेक्टर विधायक से रेत नहीं चलने देने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं तो वहीं विधायक कलेक्टर पर रेत चोरी कराने का आरोप लगा रहे थे। इसके पहले धरने पर बैठे विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाहा को समझाने के लिए अपर कलेक्टर लोक पांडे, एडिशनल एसपी संजीव पाठक, उपसंचालक कृषि के पांडे, पुलिस अधीक्षक डॉक्टर आशीष यादव पहुंचे लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और धरने पर बैठे रहे। चंबल कमिश्नर मनोज खत्री ने भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुनील दुबे के मोबाइल पर कॉल करके विधायक से बात की लेकिन विधायक फिर भी नहीं माने। हालांकि समस्याओं की आड़ में विधायक और कलेक्टर की आपसी रंजिश पूरी तरह उजागर हो गई। पूरे मामले में कलेक्टर या विधायक कौन दोषी हैं? यह जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा। मामले में आईएएस अधिकारी एसोसिएशन की मांग पर सरकार कितना तवज्जो देती है, यह भी देखने वाली बात होगी।