बिना टिकट को लेकर डिप्टी चीफ टिकट इंस्पेक्टर से हुआ विवाद, लहूलहान हालत में TTE को पहुंचाया गया अस्पताल - khabarupdateindia

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बिना टिकट को लेकर डिप्टी चीफ टिकट इंस्पेक्टर से हुआ विवाद, लहूलहान हालत में TTE को पहुंचाया गया अस्पताल


रफीक खान
बलिया से मुंबई जा रही कामायनी एक्सप्रेस में मध्य प्रदेश के नर्मदा पुरम स्टेशन के पास हंगामा हो गया। चलती ट्रेन में टिकट चेकिंग के दौरान बिना टिकट यात्रा कर रहे एक बुजुर्ग से कथित तौर पर अशोभनीय बातचीत से उसका होमगार्ड पुत्र गुस्से में आ गया। ट्रेन में ही मुक्कों से पिटाई करते हुए होमगार्ड ने TTE का मुंह तोड़ दिया। ट्रेन रुकने पर प्लेटफार्म तक भी होमगार्ड ने टीटीई को नहीं छोड़ा। मामले की जहां FIR दर्ज कराई गई है, वहीं लहुलहान हालत में TTE को अस्पताल पहुंचा दिया गया है। A dispute with the Deputy Chief Ticket Inspector over ticketless travel ensued, and the TTE was rushed to the hospital in a bloody condition

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि घटना शनिवार को रानी कमलापति से नर्मदापुरम स्टेशन के बीच हुई। डिप्टी सीटीआई राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी यात्री खुद को मुंबई जीआरपी में पदस्थ बता रहा था। वे कुल चार लोग मुंबई जा रहे थे। उनके पास एस-6 कोच में केवल 26 नंबर की एक ही टिकट कन्फर्म थी। बाकी तीन लोगों का टिकट कन्फर्म नहीं था। घटना को लेकर होमगार्ड शिवम ने कहा- मैं अपने पिता और मां के साथ कामायनी एक्सप्रेस में 5-7 कोच में यात्रा कर रहा था। मां की सीट कन्फर्म थी, लेकिन मेरे और पिता के पास चालू टिकट था। टीसी चेकिंग के लिए आए, तो हम फाइन भरकर टिकट बनवाने के लिए तैयार थे, लेकिन स्टाफ ने ऊंची आवाज में बात की और बदतमीजी शुरू कर दी। स्टेशन आने पर उन्होंने मेरे पिता का कॉलर पकड़ा और उन्हें नीचे घसीटने लगे। इसी हाथापाई में शायद उन्हें पिताजी के नाखून लग गए, लेकिन मैंने कुछ नहीं किया। मैंने उन्हें बताया कि मैं भी जीआरपी का स्टाफ हूं, लेकिन उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी।उन्होंने मुझे और मेरे पिता को ट्रेन से जबरन नीचे घसीटा और मेरे साथ मारपीट की। इस दौरान मेरा स्कार्फ खींचा गया। मुझे हाथ और उंगली में चोटें भी आईं। हम अंदर ही बात सुलझाना चाहते थे, लेकिन वे हमें परिवार और सामान के साथ जबरदस्ती नीचे उतारने पर अड़े रहे। सिपाही जीआरपी का है या फिर होमगार्ड का यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है।