रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में वाहन चेकिंग के दौरान पूर्व महापौर तथा भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता प्रभात साहू और पुलिस के बीच हुए विवाद मामले में पुलिस की एसटीएफ ने पांच आरोपियों के खिलाफ चार्ज शीट पेश कर दी है। कथित विवाद के बाद यूं तो पुलिस ने मामले को डिस्पोज कर दिया था लेकिन एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में दायर हुई, जिसकी सुनवाई के चलते चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने एसटीएफ को जांच और कार्रवाई के निर्देश दे दिए। इस मामले में एसटीएफ ने जांच पड़ताल के बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धाराएं 121 (1), 132, 351 (2), 3 (5) तथा मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धाराओं 3/181, 129/194-डी और 180 के तहत प्रकरण दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश कर दिया है। A dispute erupted in Baldevbagh during vehicle checking; the police had resolved the matter, taking action on the High Court's instructions.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि यह पूरा विवाद 18 सितंबर 2025 को हेलमेट चेकिंग अभियान के दौरान शुरू हुआ था, जिसकी जांच अब एसटीएफ रिपोर्ट के बाद निर्णायक स्थिति में पहुंच गई है।पुलिसकर्मी से अभद्रता और वर्दी फाड़ने के चर्चित मामले में हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले से संबंधित जनहित याचिका का निराकरण कर दिया। एसटीएफ की जांच रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत किया गया था, जिसे रिकॉर्ड पर लेते हुए न्यायालय ने महत्वपूर्ण टिप्पणियों के साथ याचिका समाप्त कर दी। एसटीएफ द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को पूरी तरह तथ्यहीन और निराधार बताया गया। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध नहीं पाई गई। इसके आधार पर पुलिसकर्मी के खिलाफ दर्ज प्रकरण में खात्मा रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई। इस निष्कर्ष के बाद पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई समाप्त मानी गई। एसटीएफ की जांच में पूर्व महापौर प्रभात साहू के अलावा शुभम अवस्थी, महेंद्र रैकवार, विजय सोनी और अभिनंदन जायसवाल की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने पाई गई है।
