रफीक खान
अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान की हो रही जंग पर ब्रेक लगने की खबर सामने आई है। दो हफ्ते के लिए युद्ध विराम का ऐलान किया गया है। मुख्य तौर पर अमेरिका और ईरान ने आधिकारिक तौर पर अपनी सहमति भी जताई है। दोनों देश अगर अपनी बात पर कायम रहते हैं तो निश्चित तौर पर यह खबर दुनिया भर के लिए राहत भरी है। पाकिस्तान ने इसमें मध्यस्थता निभाई है। 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में शांति वार्ता की बात भी कहीं जा रही है। A two-week ceasefire was agreed upon, with Pakistan mediating the situation. Peace talks were scheduled for April 10 in Islamabad.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जाता है कि पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बड़ी राहत की खबर है। इस समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और आगे बातचीत शुरू करने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, जमीनी हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर तुरंत प्रभाव से दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बना ली है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इस सीजफायर को स्वीकार करने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही संभव होगी, जो ईरानी सेना के समन्वय से संचालित होगी। इस पूरे समझौते में पाकिस्तान की भी भूमिका रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि यह सीजफायर सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि लेबनान समेत अन्य क्षेत्रों में भी लागू होगा।सीजफायर के साथ ही अब दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता भी खुल गया है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 10 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच वार्ता शुरू होने की संभावना है। शहबाज शरीफ ने कहा कि यह बातचीत स्थायी शांति के लिए बेहद जरूरी है और उन्होंने दोनों देशों के नेताओं का धन्यवाद भी किया। इस्लामाबाद वार्ता से कोई ठोस समाधान निकल सकता है, ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है।
