शहडोल में नगर परिषद के बाद इंदौर में जनपद की सब इंजीनियर ₹15 हज़ार लेते हुए लोकायुक्त पुलिस के हत्थे चढ़ी - khabarupdateindia

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शहडोल में नगर परिषद के बाद इंदौर में जनपद की सब इंजीनियर ₹15 हज़ार लेते हुए लोकायुक्त पुलिस के हत्थे चढ़ी


रफीक खान
मध्य प्रदेश में अब महिला अफसरों के बीच भी रिश्वतखोरी का कंपटीशन शुरू हो गया। एक के बाद एक महिला अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोची जा रही हैं। गुरुवार को शहडोल में एक नगर परिषद में पदस्थ महिला सब इंजीनियर को गिरफ्तार किए जाने के बाद शुक्रवार को इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने ₹15000 की रिश्वत लेते हुए जनपद पंचायत की सब इंजीनियर को रंगे हाथों पकड़ लिया। पहले सब इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच की जा रही है। After the Municipal Council in Shahdol, the sub-engineer of the district in Indore was caught by the Lokayukta police while taking ₹15 thousand.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मामला ग्राम पंचायत यशवंत नगर का है, जहां 15वें वित्त आयोग मद से 4.52 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड का निर्माण हुआ था। निर्माण पूरा होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया के लिए भौतिक सत्यापन और माप पुस्तिका (एमबी) में एंट्री जरूरी थी। आरोप है कि उपयंत्री सावित्री मुवेल ने पंचायत सचिव रमेशचन्द्र चौहान से 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। बिना रकम दिए मूल्यांकन दर्ज करने से इनकार कर दिया गया, जिससे भुगतान अटक गया। पीड़ित सचिव रमेशचंद्र चौहान ने उपयंत्री सावित्री मुवेल के द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत मांगे जाने की शिकायत इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में की। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर शुक्रवार को रिश्वत के 15 हजार रुपये देने के लिए आवेदक को रिश्वतखोर सब इंजीनियर सावित्री मुवेल के पास भेजा। जैसे ही आरोपी उपयंत्री सावित्री मुवेल ने 15 हजार रुपए की रिश्वत ली, टीम ने मौके पर ही दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। एक दिन पहले गुरुवार को मध्यप्रदेश के शहडोल में भी लोकायुक्त रीवा की टीम ने कार्रवाई करते हुए नगर परिषद कार्यालय खंड देवलौंद में पदस्थ लेडी सब इंजीनियर सुधा वर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा था।