फर्जी देयकों की शिकायत पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कराई जांच, रिपोर्ट में आईं सत्यता सामने, अब FIR की तैयारी - khabarupdateindia

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फर्जी देयकों की शिकायत पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कराई जांच, रिपोर्ट में आईं सत्यता सामने, अब FIR की तैयारी


रफीक खान
स्वास्थ्य विभाग में 93 लाख के फर्जी देयकों के भुगतान मामले में राज्य सरकार ने जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा को सस्पेंड कर दिया है। इसके पूर्व कलेक्टर राघवेंद्र सिंह द्वारा डीपीएम, स्टोर कीपर सहित मिली भगत में संलिप्त सभी लोगों को हटाने के आदेश कर दिए थे। फर्जी देयक भुगतान की शिकायत की सत्यता की जांच कलेक्टर राघवेंद्र सिंह द्वारा अपनी निगरानी में कराई गई। एसडीएम की रिपोर्ट में घोटाला साफ तौर पर नजर आ गया। अब मामले में FIR करने की भी तैयारी हो रही है। Collector Raghavendra Singh ordered an investigation into complaints of fraudulent bills, the report revealed the truth, and now preparations are underway for an FIR.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी कार्यालय में फर्जी देयक लगाकर भुगतान किये जाने के प्रकरण में दोषी पाये जाने पर स्‍टोर कीपर का दायित्‍व संभाल रहे फार्मासिस्‍ट नीरज कौरव को तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था‌। वही इसी मामले में संविदा आधार पर नियुक्‍त जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्‍य तिवारी एवं फार्मासिस्‍ट जवाहर लोधी को मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी कार्यालय से हटाकर जांच पूरी होने तक सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सिहोरा में पदस्‍थ किया है। कलेक्‍टर द्वारा फर्जी देयकों के माध्‍यम से साईनेज निर्माण तथा स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सामग्री के नाम से भोपाल की निजी कंपनी को बिना सामग्री प्राप्त हुए भुगतान किये जाने की शिकायतें प्राप्‍त होने पर डिप्‍टी कलेक्‍टर रघुवीर सिंह मरावी के नेतृत्‍व में जांच दल गठित किया था। जिसने अपनी जांच में उक्त मामले में सभी दोषी की संलिप्तता पाई थी। जांच में पाया गया 12 फर्जी देयकों के माध्‍यम से भोपाल की सिंह एंटरप्राइजे़ज को साइनेज एवं स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सामग्री के नाम से 93 लाख 04 हजार 998 रूपये का भुगतान किया जा चुका है। जबकि, भौतिक रूप से यह सामग्री प्राप्‍त ही नहीं हुई थी। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का कहना है कि बगैर सामग्री क्रय किए ही इतनी बडी राशि का भुगतान करने की गड़बड़ी की जांच मैने स्वयं करवाई थी। जिसमें सीएमएचओ संजय मिश्रा फार्मासिस्ट आदि दूसरे अन्य कर्मचारी की मिलभीगत सामने आई थी। जांच में सामग्री क्रय करने के बाद भुगतान करने की प्रक्रिया की अनदेखी के आरोप भी स्पष्ट दिख रहे है। इसलिए सभी दोषी के खिलाफ सख्त एक्शन लिए गया है।