अनुश्रवण और पर्यवेक्षण के लिए सीनियर अधिकारियों को मैदान में उतारा, CM का सीधा होगा नियंत्रण - khabarupdateindia

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अनुश्रवण और पर्यवेक्षण के लिए सीनियर अधिकारियों को मैदान में उतारा, CM का सीधा होगा नियंत्रण




रफीक खान
मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग ने पुलिसिंग में सुधार के मद्देनजर फिर एक नई कवायद शुरू की है। मध्य प्रदेश के साथ संभागों में आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति कर उन्हें अनु श्रवण और पर्यवेक्षण का कार्य सौंपा गया है। संभाग यानी कि जोनल आईजी के ऊपर यह पुलिस अधिकारी निगरानी का काम करेंगे और इनका सीधा नियंत्रण मुख्यमंत्री के पास होगा। 1991 से 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इन सात अधिकारियों में शामिल है। जबलपुर संभाग की जिम्मेदारी पंकज श्रीवास्तव को सौंप गई है। Senior officers deployed for monitoring and supervision, with the Chief Minister in direct control.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि जारी किए गए आदेश में भोपाल, उज्जैन, चंबल जबलपुर, नर्मदापुरम, सागर और शहडोल संभाग के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद जारी किया गया। आदेश में कहा गया है कि पिछले आदेश के अनुसार 1991 बैच की आईपीएस प्रज्ञा ऋषा श्रीवास्तव को ग्वालियर संभाग, 1993 बैच के आईपीएस अनिल कुमार को रीवा संभाग और 1992 बैच के आईपीएस आदर्श कटियार को इंदौर संभाग का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया था। यह आदेश यथावत रहेंगे। इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। 1991 बैच के आईपीएस और महानिदेशक जेल वरुण कपूर को भोपाल संभाग, 1991 बैच के आईपीएस और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के महानिदेशक उपेंद्र कुमार जैन को उज्जैन संभाग, 1992 बैच के आईएएस और विशेष पुलिस महानिदेशक जेल जी अखेतो सेमा को चंबल संभाग, 1993 बैच के आईपीएस और विशेष पुलिस महानिदेशक सीआईडी और विशेष पुलिस महानिदेशक सतर्कता पंकज कुमार श्रीवास्तव को जबलपुर संभाग, 1994 बैच के आईपीएस और विशेष पुलिस महानिदेशक रेल अनंत कुमार सिंह को सागर संभाग, 1993 बैच के आईपीएस और विशेष पुलिस महानिदेशक , रेल, पुलिस मुख्यालय रवि कुमार गुप्ता को नर्मदापुरम, 1994 बैच के आईपीएस और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण राजाबाबू सिंह को शहडोल संभाग का प्रभारी बनाया गया है।