रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में एक नहीं कई डॉक्टरों को ठगने वाले हरियाणा के एक पूरे परिवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने पौने दो करोड रुपए नगद, माल मशरूका एवं मोबाइल बरामद किए हैं। मां-बाप और उनके दो बेटे डॉक्टर के पास इलाज के नाम पर पहुंचते, फिर अपने पास गड़ा धन होने और गुरबत का वास्ता देकर उन्हें बातों में उलझाते तथा लाखों का चूना लगाकर चंपत हो जाते। ठगी का शिकार होकर डॉक्टर भी खामोश बैठ जाते लेकिन इस बीच एक डॉक्टर ने हिम्मत दिखाई और पुलिस को शिकायत की। इसके बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। The parents and two sons would engage doctors in their conversations; a gang from Haryana has already defrauded many.
घटना के संबंध में पत्रकारों को जानकारी देते हुए मध्य प्रदेश जबलपुर के पुलिस अधीक्षक संपत लाल उपाध्याय ने बताया कि पन्नालाल राठोर पिता गंगाराम राठौर उम्र 60 साल, धर्मेन्द्र पिता पन्नालाल राठौर उम्र 34 साल, वीरेन्द्र पिता पन्नालाल राठोर उम्र 30 साल तथा रानमादेवी पति पन्नालाल उम्र 52 साल सभी निवासी छज्जूमल रोड थाना आदर्शनगर बल्लभगढ जिला फरीदाबाद (हरियाणा) को गिरफ्तार किया है। थाना क्राईम व सायबर की टीम को 04 आरोपी से 1 करोड 55 लाख रुपए नगदी एवं 84 ग्राम असली सोने की गिन्नियां तथा लगभग 20 किलो ग्राम नकली सोने की गिन्नियॉ तथा 11 मोबाईल जप्त किये गये है। यह बरामदगी तीन मामलों की हुई है। सभी में एक जैसा तरीका ठगों द्वारा इस्तेमाल किया गया। ठग नाम बदलकर डॉक्टर के पास पहुंचते थे। नाम बदलकर कहीं सोनू प्रजापति, बताते तो कहीं मोनू और कहीं राजा बन जाते थे। शिकायत मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह द्वारा क्राईम ब्रांच की एक टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यो के आधार पर आरोपियो की गिरफ्तारी झांसी से की गई। सघन पूछताछ पर चारों के द्वारा उपरोक्त के साथ ठगी करना स्वीकार करते हुये पनागर मे किराये का मकान लेकर रहना जहॉ ठगी कर प्राप्त रूपयों को छिपाकर रखना बताया। पुलिस ने निशान देही पर पनागर से बरामदगी कर ली. गिरोह को पकडने में थाना प्रभारी अपराध शैलेष मिश्रा, उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह, सहायक उप निरीक्षक अशोक मिश्रा, संतोष पांण्डेय, प्रधान आरक्षक मनीष सिंह, सुतेन्द्र यादव, आरक्षक प्रीतम उपाध्याय, शिव सिंह बघेल, राजेश मिश्रा, राजेश मातरे, सतीष कुमार दुबे, मुकेश परिहार, महिला आरक्षक नीलम तिवारी, दीप्ती मिश्रा, सायबर सेल उपनिरीक्षक कपूर सिंह मरावी, आरक्षक नीरज उपाध्याय, पवन डेहरिया, अजय, संदीप पांण्डेय तथा प्रधान आरक्षक अमित पटेल की सराहनीय भूमिका रही ।
