सुपर कॉरिडोर पर रोक कर एक करोड रुपए की अड़ी, क्राइम ब्रांच ने दो महिलाओं सहित पांच को किया गिरफ्तार - khabarupdateindia

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सुपर कॉरिडोर पर रोक कर एक करोड रुपए की अड़ी, क्राइम ब्रांच ने दो महिलाओं सहित पांच को किया गिरफ्तार


रफीक खान
मध्य प्रदेश के बड़े शराब कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाने के मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच के सीक्रेट मिशन में इस पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ है। आरोपियों में एक पुलिस हवलदार और वर्ष 2019 में इंदौर के बड़े हनी ट्रैप मामले में गिरफ्तार हो चुकी श्वेता विजय जैन भी शामिल है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। प्रॉपर्टी का झांसा देकर सुपर कॉरिडोर पर एक करोड रुपए की अड़ी का मामला भी सामने आया है। इसके अलावा भी कई खुलासे होने की उम्मीद है। Crime Branch arrests five people, including two women, for Rs 1 crore theft at Super Corridor

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में इंदौर क्राइम ब्रांच ने 2019 के बहुचर्चित हनीट्रैप कांड की मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन, महिला अपराधी अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप और सहयोगी लाखन चौधरी को हिरासत में लिया है। एक हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा की भी इस साजिश में संलिप्तता पाई गई है। पूरे घटनाक्रम की मुख्य सूत्रधार वर्ष 2019 के चर्चित हनीट्रैप मामले की मुख्य आरोपी रही श्वेता विजय जैन को बताया जा रहा है। बाणगंगा क्षेत्र के निवासी 45 वर्षीय शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान ने इस संबंध में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि द्वारकापुरी क्षेत्र की रहने वाली अलका दीक्षित से उनका पुराना परिचय था। अलका का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह अवैध शराब की तस्करी के मामलों में संलिप्त रही है। पीड़ित कारोबारी के अनुसार अलका दीक्षित ने कुछ समय पूर्व उनकी मुलाकात खंडवा निवासी लाखन चौधरी से करवाई थी। लाखन मूल रूप से पीथमपुर के समीप खंडवा गांव का रहने वाला है। मुलाकात के दौरान लाखन ने स्वयं को एक बड़ा निवेशक और उद्योगपति बताते हुए देवास, धार, खंडवा तथा आसपास के अन्य जिलों में चल रहे प्रॉपर्टी बिजनेस में आधी हिस्सेदारी का प्रस्ताव दिया। जब कारोबारी ने घाटे और अन्य कारणों से इस व्यापारिक प्रस्ताव को पूरी तरह ठुकरा दिया, तो अलका और लाखन ने उन पर मानसिक दबाव बनाना प्रारंभ कर दिया। कुछ दिनों पश्चात लाखन ने उनसे दोबारा संपर्क किया और धमकी भरे लहजे में कहा कि उन्हें प्रॉपर्टी के व्यवसाय में 50 प्रतिशत की साझेदारी देनी ही होगी, अन्यथा उनके पास मौजूद कारोबारी के अश्लील फोटो और वीडियो को सार्वजनिक कर दिया जाएगा। कारोबारी द्वारा इस धमकी को नजरअंदाज करने पर करीब 20 दिन पहले जब वह किसी कार्य से सुपर कॉरिडोर गए थे, तब अलका, उसका बेटा जयदीप और लाखन वहां पहुंचे। तीनों ने कारोबारी के साथ मारपीट की और एक करोड़ रुपए की मांग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त कार्ययोजना के तहत द्वारिकापुरी और पीथमपुर में एक साथ छापेमारी की। पुलिस ने अलका के बेटे जयदीप, स्वयं अलका दीक्षित और लाखन चौधरी को अलग-अलग स्थानों से घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। इसके बाद भोपाल से मुख्य सूत्रधार श्वेता जैन को भी हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया। मामले में उस समय एक नया मोड़ आया जब जांच के दौरान इंटेलिजेंस ब्रांच के हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा का नाम सामने आ गया और पड़ताल के दौरान पता चला कि विनोद गैंग का खासमखास मार्गदर्शक है।