वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप के बाद सीएमएचओ ने जारी किया आदेश, नए मरीज भर्ती करने पर भी लगाई रोक - khabarupdateindia

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वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप के बाद सीएमएचओ ने जारी किया आदेश, नए मरीज भर्ती करने पर भी लगाई रोक


रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में कोई क्रूज दुर्घटना के बाद घायलों से रुपए वसूलने के मामले का स्वास्थ्य विभाग ने खुलासा कर दिया है। वायरल हुए वीडियो में लगाए गए आरोपों के बाद यह बात सामने आई कि गौर तिराहा स्थित नोबेल हॉस्पिटल द्वारा यह घृणित करतूत की गई थी, जबकि कई जगह जबलपुर हॉस्पिटल के नाम का प्रचार किया जा रहा था। नोबल मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का लाइसेंस एक माह के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। यहां नए मरीजों की भर्ती पर भी रोक लगा दी गई है। इसके अलावा समूचे मामले की जांच मध्य प्रदेश शासन के अतिरिक्त मुख्य सचिव की निगरानी में की जा रही है। अगर जांच वाकई में विस्तृत और ईमानदारी से हुई तो कई खुलासे होना निश्चित है।Following the allegations made in the viral video, the CMHO issued an order prohibiting the admission of new patients.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि बरगी बांध क्रूज हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जीवित बचाई गई महिला से प्राथमिक उपचार देने के बाद शुल्क वसूलने की शिकायत पर गौर तिराहा स्थित नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का लाइसेंस एक माह के लिये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने निलंबित कर दिया है। बरगी बांध क्रूज हादसे में घायल श्रीमती सविता शर्मा से नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा प्राथमिक उपचार का शुल्क वसूलने से संबंधित समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुये कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जांच कर त्वरित कारवाई के निर्देश दिये थे।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नवीन कोठारी ने बताया कि इस मामले में अस्पताल प्रबंधन द्वारा श्रीमती सविता शर्मा को पेन किलर एवं टिटनस इंजेक्शन देने के बाद 4 हजार 700 रुपये का बिल प्रस्तुत किया गया था, जिसे उन्हें अपने परिजनों के माध्यम से जमा कराना पड़ा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार आपदा की स्थिति में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उनसे शुल्क लेना पूर्णतः अनुचित है। नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन का यह कृत्य आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के विरुद्ध पाया गया है। अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं तथा निर्धारित समयावधि में और संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। अस्पताल प्रबंधन से श्रीमती सविता शर्मा के परिजनों को प्राथमिक उपचार की ली गई राशि भी वापस करा दी गई है।